लू-प्रकोप को लेकर प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, दोपहर 11 से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें
अलीगढ़ लगातार बढ़ते तापमान एवं लू-प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की

अलीगढ़ लगातार बढ़ते तापमान एवं लू-प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एवं प्रभारी अधिकारी दैवीय आपदा प्रमोद कुमार ने जनहित में जारी एडवाइजरी में कहा है कि दोपहर 11 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, हल्के रंग के सूती एवं ढीले कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय टोपी, गमछा, छाता और धूप के चश्मे का उपयोग करें। बाहर यात्रा करते समय अपने साथ पानी अवश्य रखें। प्रशासन ने लोगों से यह भी कहा है कि धूप में खड़े बंद वाहनों में बच्चों या पालतू जानवरों को बिल्कुल न छोड़ें। घर को ठंडा रखने के लिए पर्दों एवं वेंटिलेशन का उपयोग करें और मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों पर लगातार नजर बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जनसहयोग एवं सावधानी ही लू-प्रकोप से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। जिला प्रशासन सभी संबंधित विभागों के साथ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैमुख्य चिकित्साधिकारी डा0 नीरज त्यागी ने लोगों से अपील की है कि तेज गर्मी और गर्म हवाएं स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। ऐसे में नागरिक सावधानी बरतकर स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें। उन्होंने बताया कि लू लगने पर शरीर का तापमान बढ़ना, पसीना बंद होना, सिरदर्द, उल्टी-दस्त, त्वचा का लाल एवं सूखा होना, मांसपेशियों में ऐंठन तथा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार एवं ठंडे स्थान पर ले जाकर प्राथमिक उपचार दें और आवश्यकता पड़ने पर एम्बुलेंस सेवा 108 पर संपर्क कर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, नींबू पानी, छाछ एवं आम का पना का सेवन लाभकारी है, जबकि अत्यधिक चाय, कॉफी एवं शराब जैसे पेय पदार्थों से बचना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों एवं पालतू जानवरों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।



