अलीगढ़

शहर की स्वच्छता व ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी व नगर आयुक्त ने एसपी टैफिक संग इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का लिया जायज़ा

शहर में बेहतर सुरक्षा, स्वच्छता, ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की भूमिका के बारे में नगर आयुक्त ने जिलाधिकारी को दी विस्तृत जानकारी

शहर की स्वच्छता व ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी व नगर आयुक्त ने एसपी टैफिक संग इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का लिया जायज़ाशहर में बेहतर सुरक्षा, स्वच्छता, ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की भूमिका के बारे में नगर आयुक्त ने जिलाधिकारी को दी विस्तृत जानकारीडोर टू डोर कचरा प्रबंधन, कचरा उठाने वाले वाहनों की ट्रैकिंग, ऑटोमेशन, डोर टू डोर जीपीएस सर्वे, ट्रैफिक मैनेजमेंट, अतिक्रमण की निगरानी, कॉल बॉक्स सिस्टम, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम, पेयजल नलकूपों का ऑटोमेशन,पीए सिस्टम, हाईटेक कैमरों से चौराहों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर व तकनीक के बारे में कराया अवगतजिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की बेहतरीन व स्मार्ट निगरानी, कार्यशैली व निर्माण के लिए दी बधाईजिलाधिकारी व नगर आयुक्त ने ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुधार के दिये अहम निर्देश-शहर में ट्रैफिक मैनेजमेंट को बनाया जाए और प्रभावी, एसपी ट्रैफिक को प्रतिदिन Iccc की मॉनिटरिंग के निर्देश-गूगल मैप की भांति शहर के चौराहो पर ट्रैफिक मूवमेंट व वाहनों की संख्या का जल्द तैयार होगा ब्यौराकल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर के 6 फ्लोर पर 17×6 मीटर की बड़ी स्क्रीन/डिस्प्ले व 1000 हाईटेक कैमरों व 3.2 पी.एम(पेटा बाइट) के साथ संचालित हो रहे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) को देखकर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को कहा बेहतरीन तकनीक व स्मार्ट तकनीक का समावेश है ये ICCCकेंद्र सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शहर के समग्र विकास सुशासन तथा नागरिक सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 20 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की स्थापना की गई है।इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की मदद से शहर की स्वच्छता में आये बदलाव, जनसुविधाओं को प्रभावी बनाने व शहर के ट्रैफिक व्यवस्था/ट्रैफिक मैनेजमेंट को प्रभावी बनाने के लिए शनिवार को जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा व एसपी ट्रैफिक प्रवीण कुमार के साथ इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में जाकर तकनीकी व्यवस्था को देखा।

जिलाधिकारी को नगर आयुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से नगर निगम के सभी पेयजल आपूर्ति करने वाले ट्यूबवेल का ऑटोमेशन, नगरीय क्षेत्र की सभी स्ट्रीट लाइट का ऑटोमेशन और घर घर जाकर कचरा उठाने वाली गाड़ियां का रूट, मैप, वाहनों का मूवमेंट अतिक्रमण की निगरानी, ड्रोन से ख़ाली प्लांट ट्रैफिक मैनेजमेंट को इंटीग्रेटे कराया गया है।नगर आयुक्त ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वर्तमान में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर शहर की स्वच्छता, पेयजलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट , सुरक्षा, यातायात व्यवस्था के लिए सेंट्रल नर्वस सिस्टम के रूप में काम निरंतर कार्य कर रहा है।लगभग 17×6 डिस्प्ले/स्क्रीन, 1000 हाईटेक कैमरों व 3.2 पी.एम(पेटा बाइट) के साथ आधुनिक तकनीक पर आधारित शहर की स्वच्छता, पेयजलापूर्ति स्ट्रीट लाइट, यातायात व्यवस्था की गतिविधियों की रियल-टाइम निगरानी, डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली और त्वरित सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए शहर की तीसरी आँख को देखकर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को शहर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इस बेहतरीन तकनीकी आधारित कार्य की सराहना करते हुए बधाई दी। जिलाधिकारी ने एसपी ट्रैफिक को प्रतिदिन इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में कम से कम एक घंटा चालान और ट्रैफिक मैनेजमेंट की सघनता से मॉनिटरिंग करने के लिये कहा।नगर आयुक्त ने बताया कि कल्याण सिंह हैबिटेट में संचालित ICCC में आधुनिक तकनीकी, सुरक्षा स्मार्ट संचालन, स्मार्ट सर्विलांस, बेहतर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्ट्रीट लाइट का ऑटोमेशन, डोर टू डोर कचरा प्रबंधन, आईबी के सेफ्टी मानकों से लैस तकनीकी,17×6 मीटर की बड़ी स्क्रीन/डिस्प्ले पर एक ही समय में 1000 हाई टेक कमरों से शहर की निगरानी की जा सकेगी और इसकी क्षमता 3.2 पी.एम(पेटा बाइट) होगी।नगर आयुक्त ने बताया कि शहर की सभी स्ट्रीट लाइट को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जा रहा है ताकि स्ट्रीट लाइट के बंद होने डिम होने अथवा खराब होने की तत्काल सूचना मिल सके और सूचना के आधार पर अगले 12 घंटे में लाइट ठीक करना होगा।

 

घर-घर से कचरा उठाने वाले सभी वाहनों के निर्धारित, रुट, ड्राइवर, मैप के सम्पूर्ण विवरण को भी ICCC से इंट्रीग्रेटेड किया गया है ताकि इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की निगरानी से वाहनों पर पहली नजर रखी जा सकेगी। शहर में अतिक्रमण करने वाले लोगों को भी इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से चिन्हित किया जा रहा है उनको नगर निगम द्वारा नोटिस देने के उपरांत दोबारा अतिक्रमण करने पर इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के माध्यम से चिन्हित करते हुए कार्रवाई की जा रही है। पेयजल आपूर्ति को प्रभावी बनाने के लिए पिछले दिनों नगरीय क्षेत्र के सभी ट्यूबवेल का ऑटोमेशन किया गया है इस ऑटोमेशन के तहत इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से सभी ट्यूबवेल को इंटीग्रेटेड कराया गया है ताकि सतत निगरानी के माध्यम से सभी ट्यूबवेलों की ख़राब होने, ठीक होने, चलने और बंद होने की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी।नगर आयुक्त ने बताया कि प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर कुल 572 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिनमें 64 पीटीजेड कैमरे और 227 फिक्स्ड कैमरे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए 108 एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) 74 रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन, 74 वीडियो डिटेक्शन कैमरे तथा 16 स्पीड वायलेशन डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं। सुरक्षा को और मजबूत बनाने हेतु 8 रडार सिस्टम, 10 फेस रिकग्निशन सिस्टम तथा ड्रोन निगरानी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।नगर आयुक्त ने बताया कि शहर के 20 प्रमुख चौराहों पर एडैप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (ATCS) लागू किया गया है, जिससे यातायात प्रवाह को वास्तविक समय के अनुसार नियंत्रित किया जा रहा है सार्वजनिक सुरक्षा के लिए 40 पब्लिक एड्रेस सिस्टम, 40 इमरजेंसी कॉल बॉक्स, 25 वैरिएबल मैसेज डिस्प्ले, 30 आउटडोर एलईडी स्क्रीन और पर्यावरण निगरानी हेतु 10 सेंसर स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त ICCC परिसर में 50 से अधिक लोगों की क्षमता वाला कॉन्फ्रेंस हॉल और वीडियो वॉल से सुसज्जित प्रस्तुति व्यवस्था भी उपलब्ध है।नगर आयुक्त ने बताया कि आईसीसीसी में उन्नत एआई आधारित स्मार्ट एनालिटिक्स का उपयोग किया जा रहा है, जिसके माध्यम से बिना हेलमेट वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग, गति सीमा उल्लंघन तथा अन्य यातायात अपराधों की स्वतः पहचान की जा रही है। किसी भी घटना की स्थिति में सिस्टम द्वारा तत्काल अलर्ट जारी किया जाता है, जिससे प्रशासन त्वरित कार्रवाई कर सके। इससे कानून प्रवर्तन की दक्षता बढ़ी है और मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता कम हुई है।नगर आयुक्त ने बताया कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में स्थापित डेटा सेंटर में उच्च क्षमता वाले सर्वर और लगभग 3.2 टीबी स्टोरेज की सुविधा है, जो 24×7 निगरानी एवं डेटा प्रोसेसिंग सुनिश्चित करता है व 55 क्यूब वाले बड़े वीडियो वॉल के माध्यम से पूरे शहर की गतिविधियों पर एक साथ नजर रखी जा सकती है।नगर आयुक्त ने बताया कि मजबूत डिजिटल अवसंरचना के तहत लगभग 100 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाया गया है, जिससे सभी फील्ड उपकरण और चौराहे आपस में जुड़े हुए हैं। यह सुरक्षित और स्केलेबल संचार व्यवस्था भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।नगर आयुक्त ने बताया कि आईसीसीसी को नागरिक सेवाओं से जोड़ते हुए स्मार्ट ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म भी विकसित किया गया है, जिसमें संपत्ति कर प्रबंधन, जल कर बिलिंग, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, दस्तावेज प्रबंधन प्रणाली तथा ऑनलाइन नागरिक सेवाओं सहित अनेक मॉड्यूल शामिल हैं। इससे नागरिकों को “सिंगल विंडो” के माध्यम से सुविधाएँ प्राप्त हो रही हैं।नगर आयुक्त ने बताया कि जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 24×7 संचालित ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम भी स्थापित किया गया है, जिसमें प्राप्त शिकायतों की निगरानी और ट्रैकिंग सीधे ICCC से की जाती है तथा अधिकांश मामलों का समाधान 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक संतुष्टि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ICCC में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था व स्वच्छता का जायज़ा लेते जिलाधिकारी अविनाश कुमार, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा एसपी ट्रैफिक प्रवीण कुमार आदि 🔶

 

 

JNS News 24

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