निर्वाचन में जनविश्वास के लिए सूचना की शुचिता और प्रभावी संवाद आवश्यक
अलीगढ़ से जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश पर सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार ने प्रतिभाग किया

अलीगढ़: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नई दिल्ली स्थित अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान में मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में निर्वाचन प्रक्रिया में जनविश्वास को सुदृढ़ करने के लिए सूचना प्रबंधन, मीडिया समन्वय, फेक न्यूज मॉनिटरिंग, फैक्ट चेकिंग, सोशल मीडिया प्रबंधन एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग पर मंथन किया गया। कार्यशाला में देशभर के लगभग 300 सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारियों ने सहभागिता की। अलीगढ़ से जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश पर सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार ने प्रतिभाग किया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए और न ही किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल होना चाहिए। उन्होंने मताधिकार, निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सूची की शुद्धता और स्वीप कार्यक्रमों की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने सूचना अधिकारियों के जवाबों को देकर उनकी जिज्ञासाओं को बड़ी सरलता के साथ शांत किया।
निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी ने कहा कि बदलते संचार माध्यमों के अनुरूप कार्य करते हुए आयोग के संदेश को प्रभावी ढंग से मतदाताओं तक पहुंचाना आवश्यक है। निर्वाचन आयुक्त एस.एस. सिंधु ने मतदाता जागरूकता एवं स्वीप गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने ‘इन्फॉर्मेशन डिसऑर्डर’ जैसी नई चुनौतियों, भ्रामक सूचनाओं से निपटने की रणनीतियों और डिजिटल एवं सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। वक्ताओं ने कहा कि सटीक सूचना, समयबद्ध संवाद और प्रभावी मीडिया समन्वय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में नागरिकों के विश्वास को और मजबूत बनाते हैं।



