वृद्धजनों के बेहतर स्वास्थ्य संरक्षण को लेकर साप्ताहिक चिकित्सकीय परीक्षण के निर्देश
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आश्रम का किया निरीक्षण

अलीगढ़ मंगलवार को सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण साक्षी गर्ग के नेतृत्व में आश्रय गृह निरीक्षण समिति ने वृद्धाश्रम, छर्रा का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर समिति ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधीक्षिका श्रीमती गिरजेश यादव ने बताया कि वृद्धाश्रम में कुल 82 वृद्धजन पंजीकृत हैं, जिनमें से वर्तमान में 71 वृद्धजन आवासित हैं। इनमें 27 महिलाएं एवं 44 पुरुष शामिल हैं। शेष 11 वृद्धजन अपने परिजनों के साथ अस्थायी रूप से घर गए हुए हैं।समिति ने वृद्धजनों के स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं देखभाल की व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधीक्षिका ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, छर्रा द्वारा समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर सभी वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार उपलब्ध कराया जाता है। इस पर सचिव साक्षी गर्ग ने निर्देश दिए कि वृद्धजनों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रत्येक सप्ताह एक फिजिशियन की सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी को तत्काल पत्र प्रेषित किया जाए। समिति ने वृद्धाश्रम के आवासीय कक्षों एवं हॉल में सीलन व दुर्गंध पाए जाने पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। साथ ही बाथरूम एवं शौचालयों की सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली। इस पर अधीक्षिका को निर्देशित किया गया कि कमरों एवं हॉल की खिड़कियां नियमित रूप से खुलवाकर पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सीलन एवं दुर्गंध समाप्त हो सके। साथ ही बाथरूम एवं शौचालयों की प्रतिदिन नियमित एवं प्रभावी सफाई कराकर स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए गए।सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण साक्षी गर्ग ने कहा कि वृद्धाश्रम में रह रहे प्रत्येक वृद्धजन को सम्मानजनक, सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। आश्रय गृहों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा भविष्य में भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जाती रहेगी।



