कृषि निर्यात नीति: सीडीओ ने विकास भवन में की बैठक
जिले से अधिकाधिक कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर बनाने के दिए निर्देश

–योगेन्द्र कुमार, सीडीओअलीगढ़ मुख्य विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति एवं भौगोलिक उपदर्शन (जीआई) समिति एवं एपीडा के समन्वय से कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए क्षमता संवर्धन सह जागरूकता कार्यक्रम के अन्तर्गत जिलास्तरीय क्लस्टर सुविधा इकाई की बैठक आहुत की गई।बैठक का संचालन करते हुए ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक एवं सदस्य सचिव जनपदीय क्लस्टर सुविधा इकाई भगवती प्रसाद द्वारा कृषि निर्यात नीति एवं भौगोलिक उपदर्शन के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुये बताया गया कि जिले के लिए गेहूं, बाजरा, मक्का, धान, सरसों, आलू एवं हरी सब्जीयों और आम व अमरूद, पशु एवं डेयरी उत्पाद निर्यात के लिए चिन्हित उत्पाद हैं। जिले के कृषकों एफपीओ, एफपीसी द्वारा कम से कम पचास हैक्टेयर भूमि (एक विकास खण्ड में) के क्लस्टर बनवा कर उत्पादित कृषि उपजों या उत्पादों का निर्यात किया जा सकता है, जिसके लिये सरकार द्वारा विभिन्न प्रोत्साहन व अनुदान देय है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में जिले से बफेलो मीट, इंस्टेन्ट चिकोरी पाउडर, रोस्टेड चिकोरी पाउडर, आलू, प्रसंस्कृत आलू पाउडर, आलू फ्लेक्स का लगभग 205661.387 मीट्रिक टन निर्यात इजराइल, ब्राजील, इन्डोनेशिया, मलेशिया, ईरान, ईराक, सउदी अरब, दुबई, जार्डन, रूस, बहरीन देशों को किया गया है जिसके माध्यम से 6495.245 करोड रूपये विदेशी मुद्रा का अर्जन किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में माह जुलाई 2026 तक अलीगढ से 92253.448 मीट्रिक टन निर्यात कर 3639.453 करोड रूपये विदेशी मुद्रा का अर्जन हुआ है। उन्होंने बताया कि जिले से वासमती चावल जी0आई0 पंजीकृत उत्पाद है, जिसके 600 अधिकृत उपयोगकर्ता बनाये जा चुके है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जी0आई0 टैग अंतर्राष्ट्रीय बाजारी में एक ट्रेड मार्क के रूप में मान्य है जिससे निर्यात को बढावा मिलता है साथ ही कृषि उत्पादों के अनाधिकृत प्रयोग पर अंकुश लगाया जाता है। इस प्रकार अधिकृत उपयोगकर्ताओं को कानूनी संरक्षण प्राप्त होता है। वासमती चावल का एक क्लस्टर मै0 अलीगढ शीड्स फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी का आवेदन भौतिक सत्यापन तहसील द्वारा किया जा रहा है। शीघ्र ही क्लस्टर को अनुमोदित कराते हुये अलीगढ के चावल का निर्यात कराने का प्रयास किया जायेगा।
सीडीओ ने अलीगढ से आलू एवं वासमती धान के क्लस्टर बनवाकर निर्यात को बढावा दिये जाने एवं जिले के लिए जीआई उत्पाद वासमती चावल के अधिक से अधिक अधिकृत उपयोगकर्ता बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि निर्यात नीति का अधिकाधिक लाभ किसानों एवं फसल उत्पादकों को मिले यह सुनिश्चित किया जाए इसके लिए अधिकारी क्षेत्र में भ्रमण कर क्लस्टर गठन से संबंधित शंकाओं का दूर कर इनसे अधिकाधिक किसानों को जोड़ने का प्रयास किया जाए।
एपीडा से व्यवसाय विकास प्रबंधक सत्येंद्र सिंह लोधी ने कृषि निर्यात की पूरी प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने डीजीएफटी पोर्टल के माध्यम से आयात–निर्यात कोड एवं एपीडा पंजीकरण (आरसीएमसी) प्राप्त करने की प्रक्रिया, निर्यात के लिए आवश्यक औपचारिकताओं और बाजार से जुड़ने के विभिन्न माध्यमों की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों एवं क्रेता–विक्रेता सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी के लिए भी प्रेरित किया, जिससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सके।
बैठक में उप निदेशक कृषि अरूण कुमार चौधरी, जिला कृषि अधिकारी धीरेन्द्र सिंह चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी मनोज कुमार पाण्डे, अभिहित अधिकारी खाद्य एवं सुरक्षा दीपक सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 दिवाकर त्रिपाठी, सहायक निदेशक मत्स्य प्रियंका आर्य के साथ ही एफपीओ, एफपीसी संचालकों एवं निर्यातकों ने प्रतिभाग किया।



