होटल लेमन ट्री में आयोजित पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया
पत्रकार वार्ता में प्रांतीय महामंत्री राजीव जैन ,प्रांतीय मीडिया प्रभारी मयंक जैन,महानगर मंत्री यतीश जैन ,अंकुश जैन उपस्थित रहे

जैन समाज के योगदान के अनुरूप मिले सम्मान, अधिकार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व : डॉ मणिंद्र जैन
महान संगीतकार स्वर्गीय श्री रविन्द्र जैन जी के अनुज एवं श्री दिगम्बर जैन महासमिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मणिंद्र जैन रविवार को दिल्ली से अलीगढ़ पधारे उनके अलीगढ़ आगमन पर बांके बिहारी मिष्ठान केन्द्र जी . टी.रोड पर प्रतिनिधिमंडल ने गर्मजोशी से जोरदार स्वागत अभिनंदन किया। इस मौके पर राजीव जैन मोहित जैन मयंक जैन नितिन जैन राजा जैन कुणाल जैन राहुल जैन लवनीश जैन सीनेश जैन अंकुश जैन उपस्थित रहे ।उसके उपरांत होटल लेमन ट्री में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने देशभर में महासमिति द्वारा संचालित संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी योजनाओं, जैन समाज की वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।राष्ट्रीय अध्यक्ष मणिंद्र जैन ने कहा कि जैन समाज देश के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक विकास में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। जैन समाज अपनी मेहनत, ईमानदारी, व्यापारिक कुशलता, शिक्षा एवं संस्कारों के कारण देश की प्रगति में निरंतर योगदान दे रहा है देश में करों के माध्यम से जैन समाज की लगभग 24 प्रतिशत भागीदारी होने के बावजूद आज भी जैन समाज को सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है यह अत्यंत विचारणीय विषय है कि देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला जैन समाज आज भी अनेक क्षेत्रों में अपने उचित अधिकार एवं प्रतिनिधित्व से वंचित है। विशेष रूप से देश की राजनीति में जैन समाज को उसकी योग्यता, योगदान एवं भूमिका के अनुरूप प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है। जैन समाज एक सभ्य, शिक्षित, संस्कारी एवं राष्ट्रभक्त समाज है। जैन धर्म का मूल सिद्धांत ही अहिंसा, सत्य, सद्भाव, संयम एवं विश्व कल्याण का संदेश देता है। जैन समाज ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है और देश की उन्नति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में आवश्यक है कि जैन समाज को संगठित होकर अपनी सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक भागीदारी को और अधिक मजबूत करना होगा। केवल आर्थिक रूप से सक्षम होना ही समाज की प्रगति का आधार नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को उत्तम संस्कार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। श्री दिगम्बर जैन महासमिति का उद्देश्य जैन समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर संस्कार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रभावी एवं स्थायी कार्य करना है। जैन समाज के बच्चों के भविष्य को लेकर संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि महासमिति प्रतिभाशाली एवं जरूरतमंद जैन विद्यार्थियों के लिए विशेष योजनाओं पर कार्य कर रही है। आईएएस, आईपीएस सहित अन्य उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जैन विद्यार्थियों को दिल्ली में निःशुल्क एकेडमी के माध्यम से शिक्षा एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। देश की प्रशासनिक सेवाओं में जैन समाज के युवाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है। जब समाज के युवा प्रशासनिक, राजनीतिक एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आगे बढ़ेंगे तो समाज की समस्याओं और आवश्यकताओं को भी प्रभावी रूप से रखा जा सकेगा। उन्होंने समाज के युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझना चाहिए। शिक्षित युवा ही समाज को नई दिशा दे सकते हैं। इसलिए युवाओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ नैतिक एवं धार्मिक संस्कारों से भी जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।
जीव दया के लिए गौशाला एवं पक्षी उपचार केंद्र खोलने का प्रयास महासमिति जैन धर्म के मूल सिद्धांत अहिंसा एवं जीव दया को केवल विचारों तक सीमित न रखकर सेवा कार्यों के माध्यम से धरातल पर उतारने के लिए प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि संस्था देशभर में गौशालाओं की स्थापना एवं घायल और बीमार पक्षियों के उपचार के लिए विशेष पक्षी उपचार केंद्र खोलने की दिशा में प्रयास कर रही है। इन केंद्रों के माध्यम से असहाय, घायल एवं बीमार पक्षियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके संरक्षण के लिए भी कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मूक जीवों की सेवा करना मानवता का सबसे बड़ा धर्म है। जैन धर्म हमें प्रत्येक जीव के प्रति करुणा और संवेदना रखने की प्रेरणा देता है। इसी भावना के साथ महासमिति जीव दया के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर कार्य करने की योजना बना रही है।
उन्होंने भारत सरकार से गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील भी की। भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं ग्रामीण जीवन में गौ माता का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रहा है।
आगामी अक्टूबर माह में धर्म संसद का महत्वपूर्ण आयोजन करने जा रही है। इस धर्म संसद में देश के विभिन्न धर्मों के प्रबुद्धजन, विद्वान एवं प्रमुख व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि धर्म संसद के माध्यम से जैन समाज के गौरवशाली इतिहास, भारतीय संस्कृति में जैन धर्म के योगदान तथा राष्ट्र निर्माण में जैन समाज की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। देश की आजादी से लेकर वर्तमान समय तक जैन समाज द्वारा शिक्षा, व्यापार, उद्योग, समाजसेवा एवं राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में किए गए योगदान को भी प्रमुखता से सामने रखा जाएगा। धर्म संसद का उद्देश्य केवल धार्मिक विचारों का आदान-प्रदान करना नहीं है, बल्कि विभिन्न धर्मों और समाजों के बीच आपसी संवाद, सद्भाव, भाईचारा एवं राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत करना है। भारत विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और परंपराओं का देश है और इसकी सबसे बड़ी शक्ति इसकी विविधता में एकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सभी धर्मों एवं समाजों के लोगों को मिलकर देश की एकता, अखंडता एवं सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए कार्य करना होगा। जब सभी समाज आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में एक साथ कार्य करेंगे तभी भारत और अधिक मजबूत एवं सशक्त राष्ट्र के रूप में विश्व के सामने स्थापित होगा।
प्रांतीय महामंत्री राजीव जैन ने कहा कि श्री दिगम्बर जैन महासमिति का लक्ष्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं है, बल्कि देशभर में जैन समाज को एक मजबूत, संगठित एवं जागरूक शक्ति के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए महासमिति द्वारा विभिन्न राज्यों एवं जिलों की समितियों के साथ संवाद स्थापित कर आगामी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने संगठन से जुड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर समाजहित को प्राथमिकता दें। संगठन की शक्ति उसकी एकता में होती है और यदि समाज संगठित होकर कार्य करेगा तो शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, सामाजिक सुरक्षा एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व सहित अनेक क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। आज आवश्यकता है कि जैन समाज अपनी गौरवशाली परंपरा, संस्कारों और मूल्यों को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक शिक्षा एवं नई पीढ़ी की आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़े। समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार एवं सामाजिक उत्थान के कार्यों में योगदान दे, तभी एक सशक्त, संगठित एवं प्रगतिशील जैन समाज का निर्माण संभव होगा।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि संगठन की मजबूती, युवाओं की भागीदारी, शिक्षा का विस्तार, संस्कारों का संरक्षण और समाज की एकता ही भविष्य के सशक्त जैन समाज की आधारशिला बनेगी। पत्रकार वार्ता में प्रांतीय महामंत्री राजीव जैन ,प्रांतीय मीडिया प्रभारी मयंक जैन,महानगर मंत्री यतीश जैन ,अंकुश जैन उपस्थित रहे



