अवैध होर्डिंग पर डीएम सख्त, बोले-बर्दाश्त नहीं होगा नियमों का उल्लंघन
अवैध होर्डिंग पर नोटिस के साथ जुर्माना वसूली की तैयारी

अलीगढ़ शहर में अवैध एवं नियम विरुद्ध ढंग से लगाए जा रहे होर्डिंग-बैनर के मामले का जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक मार्गों, डिवाइडरों एवं यातायात प्रभावित करने वाले स्थानों पर अवैध होर्डिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने ऐसे होर्डिंग को चिन्हित कर नियमानुसार हटाने और संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु रहने के साथ राहगीरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
ऐसे में शहर में सड़क किनारे, डिवाइडर और यातायात प्रभावित करने वाले स्थानों पर नियमविरुद्ध ढंग से लगाए गए होर्डिंग-बैनर को लेकर नगर निगम द्वारा भी कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी गई है। ऐसे विज्ञापन माध्यमों को हटाने के साथ ही संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर नियमानुसार जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के साथ सार्वजनिक स्थलों को अव्यवस्थित विज्ञापन से मुक्त रखना है।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया है कि सड़क किनारे और डिवाइडर पर इस प्रकार होर्डिंग लगाए जाने की अनुमति नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वाले विज्ञापन बोर्डों को चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि अवैध होर्डिंग हटाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं और अब चिन्हित मामलों में नोटिस जारी करने के साथ जुर्माना वसूलने की कार्रवाई भी की जाएगी। नगर निगम स्तर से प्रमुख मार्गों, चौराहों, डिवाइडरों और यातायात की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर लगे विज्ञापन बोर्डों की निगरानी की जा रही है। विशेष रूप से ऐसे होर्डिंगों पर कार्रवाई की जाएगी, जो सड़क पर आवागमन में बाधा उत्पन्न करते हैं अथवा वाहन चालकों की दृश्यता और यातायात सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं। नियमों के अनुसार हाईवे के दोनों ओर निर्धारित दायरे में विज्ञापन सामग्री लगाने पर प्रतिबंध है। इसके अतिरिक्त सड़क की पटरी, डिवाइडर अथवा यातायात प्रभावित करने वाले स्थानों पर बिना अनुमति विज्ञापन बोर्ड लगाना भी नियमानुसार कार्रवाई के दायरे में आता है। महानगर क्षेत्र में इस संबंध में नगर निगम और निकाय क्षेत्रों में संबंधित स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।



