अब अलीगढ़ की सड़कों के नीचे बहेगा पानी- यूरोपीय तकनीक स्टॉर्म वाटर ड्रेन पर हो रहा सीएम ग्रिड फेज़-3 सड़को का निर्माण
अमेरिका-यूरोप की आधुनिक तकनीक से अलीगढ़ में होगा सड़को का निर्माण- नई तकनीक पाइप-मैनहोल सिस्टम से मिलेगी जलभराव की समस्या से राहत

स्टॉर्म वाटर ड्रेन (पाइप और मैनहोल विधि) से शहर की बदलेगी ड्रेनेज व्यवस्था-खुले नालों की जगह आधुनिक भूमिगत ड्रेनेज प्रणाली से होगा सड़क निर्माणमहापौर और नगर आयुक्त की स्मार्ट सोच से स्मार्ट तकनीकी की ओर अग्रसर हुआ नगर निगम*यूरोपीय तकनीक स्टॉर्म वाटर ड्रेन नगर निगम ने शुरू हुई क़वायद-नगर आयुक्त ने मेडिकल रोड पर जाकर देखी तकनीकमहापौर व नगर आयुक्त के प्रयास से सीएम ग्रिड फेज़ 3 के तहत बनने वाली 4 सड़को को इस तकनीक से किया जाएगा लैसउत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री महोदय योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन महापौर प्रशांत सिंघल तथा नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने इस बार सीएम ग्रिड फेज़-3 की सड़कों को आधुनिक यूरोपीय तकनीक स्टॉर्म वाटर ड्रेन (पाइप और मैनहोल विधि)पर बनवाये जाने की क़वायद को किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (CM GRID) योजना के फेज-3 के अंतर्गत अलीगढ़ नगर निगम द्वारा पहली बार अमेरिका एवं यूरोप में फेमस आधुनिक Storm Water Drain (Via Pipe & Manhole Method) तकनीक को अपनाते हुए सड़कों का निर्माण कराये जाने की क़वायद को शुरू कर दिया है।मंगलवार दोपहर नगर आयुक्त ने नगर निगम मुख्य अभियंता वी.के. सिंह व इंजीनियरिंग विभाग के साथ इस तकनीकी का मेडिकल रोड पर जाकर भौतिक सत्यापन किया।नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने अमेरिका एवं यूरोप में फेमस आधुनिक Storm Water Drain (Via Pipe & Manhole Method) तकनीक के संबंध में बताया कि इस तकनीक की विशेषता यह है कि सड़क निर्माण के साथ-साथ बारिश के पानी की निकासी के लिए भूमिगत पाइपलाइन एवं मैनहोल आधारित व्यवस्थित ड्रेनेज नेटवर्क विकसित किया जाता है इससे सड़के खुले नालों से रहित रहती है और सड़क ज्यादा चौड़ी रहती है। जिससे सड़क पर राहगीरों व वाहनों का आवागमन सुगमता से होता है।उन्होंने बताया कि यह आधुनिक वर्षा जल निकासी प्रणाली है जिसमें सड़क पर जमा होने वाले बारिश के पानी को विशेष इनलेट एवं कैच पिट के माध्यम से भूमिगत पाइपलाइन में पहुंचाया जाता है। इन पाइपलाइनों को निर्धारित ढाल के अनुसार बिछाया जाता है जिससे बारिश का पानी नेचुरल गुरुत्वाकर्षण के माध्यम से आगे बढ़ते हुए निर्धारित निकासी स्थल तक पहुंच सके।उन्होंने बताया कि इस प्रणाली में सीमित दूरी एवं आवश्यकता के अनुसार मैनहोल बनाए जाते हैं। मैनहोल भूमिगत पाइपलाइन के निरीक्षण सफाई रखरखाव एवं आवश्यकता पड़ने पर मरम्मत के लिए उपयोग किए जाते हैं पाइपलाइन के मोड़, जंक्शन एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी मैनहोल की व्यवस्था की जाती है। इस तकनीक में सड़क के नीचे वर्षा जल निकासी का सुव्यवस्थित नेटवर्क विकसित होने से खुले नालों की तुलना में सड़क ज्यादा आकर्षक व ट्रैफिक के मद्देनजर चौड़ी बनती है।सीएम ग्रिड फेज़-3 में इन चार प्रमुख सड़कों पर होगा योरोपीय तकनीक का उपयोग👇 कालीदह मरघट से अवतार नगर होते हुए रेलवे फाटक तक (पैकेज-1), सड़क की लंबाई: 3.23 किलोमीटर प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई: 12 मीटर
स्वीकृत अनुमानित लागत: ₹56.72 लाख
कार्यदायी संस्था: मैसर्स इको ग्रीन वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड।
2. मेडिकल रोड दोदपुर रोड से मेडिकल कॉलेज तक (पैकेज-2) सड़क की लंबाई: 1.15 किलोमीटर
प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई: 12 मीटर
स्वीकृत अनुमानित लागत: ₹23.47 लाख
कार्यदायी संस्था: मैसर्स इको ग्रीन वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड।
3. जेल रोड पुल से नई बस्ती पोखर, मुस्लिम जीटी रोड एवं रघुवीर पुरी रोड होते हुए गुलर रोड तक (पैकेज-3), सड़क की लंबाई: 1.07 किलोमीटर
प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई: 11.10 मीटर
स्वीकृत अनुमानित लागत: ₹20.12 लाख, कार्यदायी संस्था: मैसर्स अमित ट्रेडर्स
4. सराय हरनारायण क्षेत्र में सासनीगेट चौराहे से पंचनगरी पोखर तक (पैकेज-4), सड़क की लंबाई: 0.88 किलोमीटर, प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई: 12 मीटर, स्वीकृत अनुमानित लागत: ₹14.46 लाख
कार्यदायी संस्था: मैसर्स अमित ट्रेडर्स।
नगर आयुक्त ने बताया कि इस तकनीक से उक्त 4 सड़को को प्रमुख रूप से ये लाभ मिलेंगे जिसमे प्रमुख रूप से जलभराव की समस्या से राहत, खुले नालों पर निर्भरता कम होगी यातायात व्यवस्था में सुधार होगा सड़क किनारे खुले नाले एवं उनसे संबंधित अवरोध कम होने से सड़क की उपयोगिता और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी साथ ही रखरखाव में सुविधा टिकाऊ एवं आधुनिक शहरी आधारभूत ढांचा विकसित होने के साथ स्वच्छ एवं सुंदर शहर की परिकल्पना भी सिद्ध होगी।महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में अलीगढ़ को आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्वच्छ सुंदर एवं व्यवस्थित शहर बनाने के लिए नगर निगम निरंतर कार्य कर रहा है। CM GRID फेज़ 3 योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण के साथ आधुनिक बारिश के पानी की निकासी नई प्रणाली विकसित करना शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में सीएम ग्रिड सड़को को आधुनिक तकनीक पर निर्माण कराये जाने के लिए नगर निगम पूर्ण रूप से प्रयासरत है। Storm Water Drain (Via Pipe & Manhole Method) तकनीक में सड़क पर एकत्रित होने वाले बारिश के पानी को इनलेट के माध्यम से भूमिगत पाइपलाइन में पहुंचाया जाएगा तथा मैनहोल के माध्यम से समय-समय पर इसकी सफाई, निरीक्षण एवं रखरखाव किया जा सकेगा। इससे बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने, सड़कों की उपयोगिता बढ़ाने तथा शहर में बेहतर नागरिक सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी।



