अलीगढ़

श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ आचार्य श्री विद्यासागर महामंडल विधान, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

शरद पूर्णिमा संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के अवतरण दिवस पर हुआ भव्य धार्मिक आयोजन, विधान के मुख्य पात्रों की निकली बग्घी यात्रा

खिरनी गेट स्थित श्री लख्मीचंद पांड्या खंडेलवाल दिगंबर जैन ट्रस्ट परिसर में सोमवार को शरद पूर्णिमा पर्व संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के अवतरण दिवस के पावन अवसर पर मुनि सेवा समिति के तत्वावधान में भव्य आचार्य श्री विद्यासागर महामंडल विधान एवं ऐतिहासिक सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर धर्म लाभ प्राप्त किया।


कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 6:30 बजे भगवान के अभिषेक, शांतिधारा करने का सौभाग्य अजय कुमार जैन प्रवीन जैन संजय जैन डॉ एस.के.जैन एवं अनिल कुमार जैन श्रीजी परिवार एवं चित्र अनावरण ,पाद प्रक्षालन महेन्द्र कुमार जैन सौरभ जैन पांड्या परिवार को प्राप्त हुआ तत्पश्चात आचार्य श्री विद्यासागर महामंडल विधान के साथ हुआ उपाध्याय श्री शिवदत्त सागर महाराज ससंघ एवं प्रतिष्ठाचार्य राकेश भैयाजी के निर्देशन में धार्मिक क्रियाएं विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुईं। श्रद्धालुओं ने भगवान की आराधना कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की मंगल कामना की।धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भक्ति और समर्पण का परिचय दिया। विधान उपरांत समस्त जैन समाज के साथ बाग वाले मंदिर जी से मुख्य पात्रों सौधर्म इंद्र राजीव जैन इंद्रा जैन यज्ञनायक सौरभ जैन रेशू जैन पांड्या ईशान इंद्र सुरजीत जैन पूनम जैन पाटनी सानत इंद्र संजय जैन श्रद्धा जैन और माहेन्द्र इंद्र प्रवीन जैन राशि जैन के रूप में बने इंद्र इंद्राणीयों की बग्घी यात्रा निकाली गई। मार्ग में इंद्र-इंद्राणियों के मंगलमय जुलूस ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। पद यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से सहभागिता की। इसके पश्चात बड़े मंदिर जी में भगवान के दर्शन कराकर यात्रा पुनः बाग वाले मंदिर जी पहुंची । दोपहर को दिल्ली कंठस्थ कला केंद्र की ओर से निशांत शर्मा द्वारा प्रथम बार आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का संपूर्ण जीवन पर नाटक मंचन की प्रस्तुति के माध्यम से किस प्रकार उनके त्याग, तपस्या, स्वाध्याय और जीवमात्र के कल्याण के लिए समर्पित रहा उनके आदर्श आज भी समाज को नैतिकता, आत्मसंयम और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। अद्भुत नाटिका ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सायं आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत हुए। आयोजन में शामिल होने वाले पात्रों को पहली बार हथकरघा निर्मित वस्त्र प्रदान किए गए। यह पहल आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के स्वदेशी, स्वावलंबन एवं हथकरघा प्रोत्साहन के विचारों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का माध्यम बनी। इस मौके पर प्रद्युम्न कुमार जैन मुनेश जैन नरेन्द्र कुमार जैन सुशील कुमार जैन सुरेश कुमार जैन गढ़ी डॉ पी.के.जैन मुकेश जैन प्रशांत जैन मयंक जैन कुणाल जैन रविंद्र जैन सत्यम जैन रिषभ जैन विधान जैन शुभ जैन सारांश जैन मानस जैन आदि भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

JNS News 24

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