उत्तरप्रदेश

प्रत्येक वित्तीय वर्ष में गत तीन वर्ष के औसत शुद्ध लाभ का 02 प्रतिशत सीएसआर पॉलिसी के तहत जनहित के कार्यों पर करना है व्यय

डीएम ने सीएसआर फण्ड के सदुपयोग के लिए कारपोरेट कम्पनियों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

 कम्पनियां 10 दिन में उपलब्ध सीएसआर फण्ड के बारे में दें विस्तृत जानकारी

कम्पनियां संवेदनशीलता एवं सेवाभाव के साथ जनहित में सीएसआर फण्ड का गाइडलाइन के अनुसार करें सदुपयोग

अलीगढ़ – कारपोरेट कम्पनियों को सामाजिक दायित्व निधि को सार्वजनिक एवं जनहित में व्यय करना अपेक्षित है। सीएसआर फण्ड का उपयोग विकास कार्यों में करने पर हमको सरकार पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कम्पनियां ईमानदारी के साथ सीएसआर फण्ड को विकास कार्यों पर व्यय करें। सभी कम्पनियां विगत तीन वर्ष में हुए लाभ में सापेक्ष 02 प्रतिशत की धनराशि जिसका व्यय सीएसआर के तहत जनहित में किया जाना है, 10 दिन में उपलब्ध कराएं।

उक्त उद्गार जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने कलैक्ट्रेट सभागार में कारपोरेट कम्पनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में व्यक्त किये। वह सीएसआर फण्ड के जनहित एवं सार्वजनिक उपयोग के सम्बन्ध में बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सामाजिक दायित्व निधि के सदुपयोग के लिए स्पष्ट नीति बनी हुई है। उन्होंने कारपोरेट घरानों से आए प्रतिनिधियों से अपने चिर-परिचित अंदाज में स्पष्ट किया कि सीएसआर फण्ड के सदुपयोग को जोर-जबरदस्ती, दबाव या उत्पीड़न न समझा जाए, बल्कि शासन द्वारा इस सम्बन्ध में समय-समय विस्तृत दिशा-निदेश दिये गये हैं। जिसके अनुसार कम्पनियां अपनी स्वेच्छा फण्ड का व्यय न करते हुए कमेटी के माध्यम से से ही व्यय कर सकेंगे। इसका उद््देश्य कार्य की गुणवत्ता, आवश्यकता एवं प्राथमिकता तय करना है। जिलाधिकारी ने सभी कारपोरेट घरानों से उपस्थित हुए प्रतिनिधियों से कहा कि वह संवेदनशीलता एवं सेवाभाव के साथ जनहित में धनराशि का गाइडलाइन के अनुसार सदुपयोग करें।

संयुक्त आयुक्त उद्योग बीरेन्द्र कुमार ने बताया कि कम्पनियों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में गत तीन वर्ष के औसत शुद्ध लाभ का 02 प्रतिशत सीएसआर पॉलिसी के तहत जनहित के कार्यों पर व्यय करना है। इसके लिए जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ऊर्जा, नगर विकास, समाज कल्याण, आवास, स्वास्थ्य विभाग के साथ समिति गठित है। समिति सीएसआर फण्ड के सदुपयोग के लिए नीतिगत निर्णय, कार्य व परियोजनाओं का चयन, समस्याओं का समाधान, अन्तर्विभागीय समन्वय, फण्ड की मॉनिटरिंग, विभिन्न प्रकार के सुझाव समेत अन्य बिन्दुओं पर कार्य करती है। गाइडलाइन के अनुसार फण्ड को स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण, खेल-कूद, ग्रामीण विकास परियोजनाआंे, श्रम क्षेत्र विकास में व्यय किया जा सकता है।

बैठक में सीडीओ आकांक्षा राना, वण्डर सीमेंट से आशीष चन्द्रावत, अशोक शर्मा, अल्ट्राटेक से रंजय, दिनेश चौधरी, मंगलम सीमेंट से दीपक गॉधी, मुकेश अग्रवाल, जे0के0 सीमेंट से हेमन्त गौतम, ए0के0 दबे, एलाना से इमरान अहमद, अल्दुआ से मोहम्म द परवेज, जाइडस वैलनेस से जितेन्द्र पाल सिंह समेत अन्य कम्पनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

JNS News 24

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