अलीगढ़

गौ आश्रय स्थलों में चारा-पानी व सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश

जिले में 32 हजार से अधिक गौवंश संरक्षित, 5 नए वृहद आश्रय स्थल तैयार

अलीगढ़: जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित गौवंश संरक्षण एवं भरण-पोषण अनुश्रवण समिति की बैठक में जनपद में संचालित गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप गौवंश संरक्षण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निराश्रित गौवंश सड़कों पर विचरण करते दिखाई नहीं देने चाहिए।बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 32,249 गौवंश संरक्षित हैं। इनके लिए 90 अस्थायी गौ आश्रय स्थलों के साथ-साथ 5 वृहद गौ संरक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त 5 नए वृहद गौ आश्रय स्थल भी संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जिनमें से दो का लोकार्पण मा० मंत्री जी द्वारा किया जा चुका है।जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि निराश्रित गौवंश को तत्काल संरक्षण में लिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी गौवंश खुले में इधर-उधर घूमता हुआ नजर न आए। उन्होंने कहा कि सभी गौशालाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की सतत निगरानी रखी जाए। डीएम ने गर्मी के मौसम को देखते हुए गौ आश्रय स्थलों में विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौवंश को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। बीमार एवं कमजोर गौवंश को अन्य पशुओं से पृथक रखते हुए उनका समयबद्ध उपचार कराया जाए ताकि किसी प्रकार की बीमारी न फैल सके।बैठक में बताया गया कि जिले के सभी विकास खंडों में संचालित 70 गौ आश्रय स्थलों में लगभग 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में हरे चारे की बुवाई कराई गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बोए गए चारे की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए ताकि इसका लाभ सीधे गौवंश को मिल सके। उन्होंने गौ आश्रय स्थलों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पीपल, पाकड़, बरगद एवं नीम जैसे छायादार पौधों का रोपण कराने के निर्देश भी दिए, जिससे गर्मी के मौसम में गौवंश को पर्याप्त छाया मिल सके।सहभागिता योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस माह 210 गौवंश लाभार्थियों को उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों का रैंडम सत्यापन कराने के निर्देश दिए ताकि योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे। बैठक में भूसा संग्रहण, मानदेय भुगतान एवं आर्थिक सहायता वितरण की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गौशालाओं के संचालन के लिए उपलब्ध कराई जा रही धनराशि का पारदर्शिता एवं ईमानदारी के साथ सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशालाओं की निर्धारित बिंदुओं पर जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें, जिससे व्यवस्थाओं में और अधिक सुधार सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि गौ संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

JNS News 24

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