JNMCH AMU: महिला डॉक्टर के साथ मारपीट के विरोध में हड़ताल
नर्सेज एसोसिएशन ने जताई गहरी नाराजगी

अलीगढ़ जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JNMCH), अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में आज एक बार फिर डॉक्टरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। रेडियोलॉजी विभाग के इमरजेंसी सेक्शन में ड्यूटी पर तैनात एक महिला जूनियर रेजिडेंट (JR-1) के साथ हुई शारीरिक मारपीट की घटना के बाद कैंपस में भारी आक्रोश है। इस घटना के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने कार्य बहिष्कार करते हुए हड़ताल की घोषणा कर दी है।नर्सेज एसोसिएशन ने की कड़ी निंदाAMU नर्सेज एसोसिएशन ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसकी तीखे शब्दों में निंदा की है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा कर्मियों के साथ हो रही हिंसा को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा, “मेडिकल कॉलेज में आए दिन नर्सिंग ऑफिसर्स और डॉक्टर्स के साथ मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। हम इस असुरक्षित माहौल में काम करने को मजबूर हैं। आज की घटना स्वास्थ्य कर्मियों के मनोबल पर गहरा आघात है।”मैनपावर की भारी कमी: संकट की असली जड़ नर्सेज एसोसिएशन ने इस हिंसा के पीछे अस्पताल में लंबे समय से चल रही कर्मचारियों की कमी को मुख्य कारण बताया है। आंकड़ों के जरिए उन्होंने प्रशासन की विफलता को उजागर किया:
अस्पताल की क्षमता: 1250 बेड वर्तमान नर्सिंग स्टाफ: मात्र 300-400
न्यूनतम जरूरत: 1500-1600 नर्स”1250 बेड का यह विशाल अस्पताल महज 300-400 नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चल रहा है। जब स्टाफ पर काम का बोझ जरूरत से चार गुना ज्यादा होगा, तो इलाज में देरी होना स्वाभाविक है। इसी देरी की वजह से तीमारदार उग्र हो जाते हैं और मारपीट जैसी घटनाएं सामने आती हैं।”इलाज में देरी और बढ़ता आक्रोश एसोसिएशन ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मैनपावर की इस कमी का सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है। समय पर उपचार न मिल पाने के कारण मरीज के परिजनों का धैर्य जवाब दे जाता है, जिसका खामियाजा फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स को भुगतना पड़ता है।प्रशासन से मांगAMU नर्सेज एसोसिएशन और RDA ने प्रशासन से मांग की है कि:आज की घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।नर्सिंग स्टाफ और अन्य पदों पर खाली पड़ी नियुक्तियों को तुरंत भरा जाए ताकि कार्यबल का संतुलन बना रहे।फिलहाल, हड़ताल के चलते अस्पताल की ओपीडी और कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हैं, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।



