बालकों को साक्षात दर्शन देने यहां आते हैं भगवान : राज नारायण
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बाल कुंभ में विभाग सह प्रचार प्रमुख ने रखें विचार

अतरौली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से आयोजित बाल कुंभ राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रहा। अतरौली के पाली रोड पर सरस्वती विद्या मंदिर में कार्यक्रम में योग, व्यायाम के साथ बाल स्वयंसेवकों ने राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया। स्वयंसेवकों का उत्साह देखते ही बनता था।

मुख्य वक्ता व विभाग सह प्रचार प्रमुख राज नारायण, जिला संघचालक राम निवास, कार्यक्रम अध्यक्ष जगवीर ने मां भारती के सामने दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य वक्ता ने कहा कि इस देश में बालकों ने बहुत बड़े बड़े कार्य किए हैं। देश की रज में राम और कृष्ण खेलेकूदे हैं। जिन्होंने किशोरावस्था में बड़े बड़े राक्षसों का वध किया। यह कार्य वह इसलिए कर सकें क्योंकि वह अपने गुरु, माता और पिता की आज्ञा का पालन करते थे। इससे उनके अंदर संस्कार विकसित हुई और उनकी शक्ति बढ़ी। हमें भी अपनी शक्ति को बढ़ाना है तो अपने पूर्वजों और अपने माता पिता का सम्मान करना चाहिए। राज नारायण सिंह ने कहा कि हमारे यहां बालकों में असीम शक्ति रही है। हनुमान जी ने बचपन में ही सूर्य को ग्रहण कर लिया था। ध्रुव और प्रहलाद ने अपने तपोबल से साक्षात भगवान के दर्शन किए। वीर हकीकत राय ने अपने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दे दिया। फतेह सिंह, जोरावर दीवार में चुनवा दिए गए, मगर अपने धर्म से डिगे नहीं। हमारे यहां बालकों की कहानियां काल्पनिक नहीं, बल्कि वास्तविक है। हमें संघ संस्थापक डाक्टर हेडगेवार की तरह स्वाभिमानी होना चाहिए, जिन्होंने ने रानी विक्टोरिया के राज्यारोहण कार्यक्रम को लेकर मिली मिठाई को उठाकर फेंक दिया। डाक्टर साहब ने कहा कि जिसके हम गुलाम है, उसकी मिठाई कैसे खा सकते हैं? बालपन से वह राष्ट्र भावना से ओतप्रोत थे। राम निवास ने कहा कि बच्चों का मन बहुत प्रबल होता है। इसलिए वह कुछ भी कर सकते हैं। कार्यक्रम अध्यक्ष जगवीर ने कहा कि बच्चों को पौराणिक कथाएं जरूर पढ़नी चाहिए। जिला प्रचारक विश्व प्रताप, जिला कार्यवाह रामकरन सिंह, शारीरिक प्रमुख धर्मेंद्र, बौद्धिक प्रमुख नीरज, प्रचारक बजरंगी, शिवम आदि थे।



