अलीगढ़

मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में मण्डलीय उद्योग बन्धु की बैठक संपन्न

तालानगरी के आस-पास निजी चिकित्सालय को ईएसआई से संबद्ध कर प्रस्ताव भेजा जाए  

अलीगढ़ : आयुक्त, अलीगढ़ मण्डल, अलीगढ़ संगीता सिंह की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में मण्डलीय उद्योग बन्धु बैठक का आयोजन किया गया। मण्डलायुक्त ने कहा कि शासन द्वारा जिला, मण्डल एवं राज्य स्तर पर उद्यमियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई है। उन्होंने उद्यमियों से आव्हान किया कि जो प्रकरण जिला उद्योग बन्धु की बैठक में निस्तारित हो सकते हों, उनको मण्डलीय उद्योग बन्धु बैठक में न रखा जाए। उन्होंने उद्यमियों के सुझाव पर एक तरह की समस्याओं के निस्तारण के लिए उस विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ पृथक से बैठक कराने के भी निर्देश दिए।बैठक में औद्योगिक क्षेत्र तालानगरी में ईएसआई हास्पीटल की शाखा खोले जाने के संबंध में निर्देशित किया गया कि तालानगरी के आसपास स्थित किसी भी निजी चिकित्सालय जिसमें समुचित ईलाज संभव हो सके ईएसआई से संबद्ध करने के लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए निवेश मित्र पोर्टल की समीक्षा में पाया गया कि अलीगढ़ विकास प्राधिकरण द्वारा समयसीमा के उपरांत एक प्रकरण का निस्तारण किया गया है जबकि मण्डल के अन्य जिलों में समयसीमा के उपरांत निस्तारण का कोई प्रकरण नहीं है। मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को सचेत किया कि पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निस्तारण में समयसीमा का इंतजार न करें, आवेदन प्राप्त होते ही उसका गुणवत्तापरक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। पोर्टल पर समय सीमा के अन्तर्गत अलीगढ़ में राजस्व विभाग के 18, यूपीसीडा एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 20-20 समेत 87, एटा में कृषि विभाग के 13 व श्रम विभाग के 06 समेत 23, हाथरस में श्रम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 06-06 समेत 26 एवं कासगंज में विभिन्न विभागों के 09 प्रकरण लंबित हैं। मण्डलायुक्त ने सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्धता से गुणवत्तापरक निस्तारण करने के निर्देश दिएमण्डलायुक्त ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार, ओडीओपी एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की समीक्षा में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार में 469 भौतिक लक्ष्य के सापेक्ष 122 का प्रेषण, 17 की स्वीकृति एवं मात्र 07 का वितरण होने पर नाराजगी प्रकट की इसी प्रकार ओडीओपी में 236 के सापेक्ष 30 का प्रेषण एवं 11 की स्वीकृति व वितरण और सीएम युवा में 7800 के सापेक्ष 3920 का प्रेषण, 806 की स्वीकृति एवं 599 को ऋण वितरण किए जाने पर बैंकर्स को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित है, बैंकर्स जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में रोड़ा न अटकाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी आवेदन में कोई त्रुटि हो तो आवेदनकर्ता को सूचित कर उसे दूर कराते हुए लाभान्वित किया जाए।बैठक में चारो जिलों के उपायुक्त उद्योग, मण्डलीय अधिकारी एवं उद्यमी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन संयुक्त आयुक्त उद्योग बीरेन्द्र कुमार द्वारा किया गया।

JNS News 24

Related Articles

error: Content is protected !!