अचलताल स्थित प्राचीन सिद्धपीठ गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के 57वें महोत्सव के तहत आयोजित
14 दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों में मंगलवार को चौथे दिन संत विदाई एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया

अचलताल स्थित प्राचीन सिद्धपीठ गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के 57वें महोत्सव के तहत आयोजित 14 दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों में मंगलवार को चौथे दिन संत विदाई एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों और कार्यक्रमों के बीच मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।कार्यक्रम के तहत प्रातः 10 बजे संतों को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया। इसके बाद संत सेवा समिति की ओर से संतों का सम्मान करते हुए उन्हें आदरपूर्वक विदाई दी गई। संत विदाई के दौरान श्रद्धालुओं ने संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया और महोत्सव के सफल आयोजन की कामना की।संत विदाई कार्यक्रम के उपरांत दोपहर 12 बजे भक्तों के लिए विशाल भंडारे का शुभारंभ किया गया। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर से शुरू हुआ भंडारा देर रात तक निरंतर चलता रहा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी। महोत्सव के दौरान गणपति की आराधना और धार्मिक आयोजनों के चलते वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।इस अवसर पर महंत विनयनाथ ने कहा कि अन्न सेवा सबसे बड़ी सेवा है। नर सेवा ही नारायण सेवा है। जो व्यक्ति भूखे को भोजन कराता है और जरूरतमंद की सहायता करता है, वही सच्चे अर्थों में ईश्वर की आराधना करता है। उन्होंने कहा कि गणेश महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सेवा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का भी संदेश देता है। भंडारे का उद्देश्य यही है कि मंदिर में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु तृप्त होकर भगवान गणपति के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर सके।उन्होंने कहा कि महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान गणेश की भक्ति से जोड़ने के साथ ही सेवा और परोपकार की भावना को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। मंदिर में आयोजित कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की सहभागिता लगातार बनी हुई है।गणेश चतुर्थी के 57वें महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर में विशेष सजावट की गई है। 14 दिवसीय कार्यक्रम के दौरान धार्मिक एवं सेवा संबंधी विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं। महोत्सव में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में गणेश भक्त हिस्सा ले रहे हैं।कार्यक्रम में ,अचल ताल चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह पीलवान,रवि वर्मा, दीपक वार्ष्णेय, लक्की, सूरज सैनी, मीडिया प्रभारी ललित वार्ष्णेय सहित संत सेवा समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।



