गांवों में स्वच्छता अभियान को मिलेगी नई गति, 2215 शौचालयों की पहली किस्त को मिली मंजूरी
स्वच्छ गांव, जल संरक्षण और बेहतर जनसुविधाओं पर जोर, सीडीओ ने तय की कार्ययोजना

अलीगढ़ मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को विकास भवन सभागार में जिला स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, जनसहभागिता बढ़ाने, जल संरक्षण एवं ग्राम स्तर पर जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।मुख्य विकास अधिकारी ने सभी सहायक विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान चलाकर निर्धारित रोस्टर के अनुसार ग्रामों में स्वच्छता कार्य अपनी मौजूदगी में सुनिश्चित कराएं उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान के दौरान एक साथ कम से कम 20 कर्मचारी क्रियाशील रखे जाएं, ताकि अभियान के सार्थक एवं प्रभावी परिणाम सामने आएं। उन्होंने ग्रामीणजनों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने और स्वच्छता के लाभों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया।सीडीओ ने कहा कि स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए ग्राम प्रधानों से निरंतर समन्वय बनाया जाए। कार्यक्रमों में संबंधित ब्लाक प्रमुखों को भी आमंत्रित किया जाए, जिससे जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सहभागिता के माध्यमसे स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूती मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में उन्होंने सभी एडीओ पंचायत से बारी-बारी से कार्ययोजना की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सीडीओ ने अधिकाधिक तालाबों की खुदाई के लिए शीघ्र एस्टीमेट तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे ग्रामों का चिन्हांकन करने को कहा, जहां वर्षा के दौरान तालाबों का पानी मुख्य आवागमन मार्गों पर आ जाता है, ताक जल निकासी एवं जल संरक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अनुसूचित जाति बहुल ग्रामों में पीएम अजय योजना के माध्यम से जल निकासी, सोलर एवं पेयजल सहित अन्य जनहितकारी कार्य अधिकतम 20 लाख रुपये तक की धनराशि से कराए जाने की जानकारी देते हुए पात्र ग्रामों में आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।बैठक में 2215 व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण के लिए लाभार्थियों की प्रथम किस्त आवंटन की स्वीकृति प्रदान की गई वहीं 1677 व्यक्तिगत शौचालयों की द्वितीय किस्त के आवंटन को भी मंजूरी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले की सभी 852 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्मित हैं, जिनमें से 809 सामुदायिक शौचालय वर्तमान में क्रियाशील हैं। इसके साथ ही पूर्ण रूप से अक्रियाशील हो चुके 41 सामुदायिक शौचालयों के पुनर्निर्माण की स्वीकृति भी बैठक में प्रदान की गई। बैठक में 204 पंचायत घरों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों एवं युवाओं को अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल संसाधनों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।बैठक में संबंधित अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत उपस्थित रहे।



