जननी सुरक्षा योजना में 23,748 माताओं को मिला भुगतान
जिले में छह माह में 30364 संस्थागत प्रसव,पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 1,347 संस्थागत प्रसव बढ़े

अलीगढ़ : सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने और पात्र महिलाओं तक सरकारी सहायता पहुंचाने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से सितंबर तक शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी चिकित्सालयों में 30364 संस्थागत प्रसव हुए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में यह संख्या 1,347 अधिक है। वहीं, जननी सुरक्षा योजना के तहत 17 अक्टूबर तक 23,748 लाभार्थियों के बैंक खातों में सहायता राशि भेजी जा चुकी है।अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश खत्री ने बताया कि जिले के सभी शहरी एवं ग्रामीण सरकारी चिकित्सालयों में संस्थागत प्रसव और जननी सुरक्षा योजना के भुगतान की नियमित निगरानी की जा रही है। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को समय से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लंबित मामलों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।17 अक्टूबर तक 23,748 लाभार्थियों को भुगतान जननी सुरक्षा योजना के तहत विभिन्न चिकित्सालयों में बड़ी संख्या में लाभार्थियों को भुगतान किया गया है। जेएन मेडिकल कॉलेज में 2,811, सीएचसी बिजौली में 839, जिला चिकित्सालय में 965, डीडीयू में 608, चंडौस में 708, इगलास में 959, गभाना में 292, अकराबाद में 1,327, अतरौली में 1,351, मोहन लाल गौतम राजकीय महिला चिकित्सालय में 5,401, धनीपुर में 1,060, गोंडा में 604, लोधा में 659, बेसवां में 201, जवां में 1,332, खैर में 1,371 और गंगीरी में 2,138 लाभार्थियों के खातों में धनराशि भेजी गई है।शत-प्रतिशत भुगतान के लिए पांच दिवसीय अभियान जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने 15 अक्टूबर को जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की बैठक में जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आगामी पांच दिनों में शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी संबंधित चिकित्सालयों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा गया है। जिन पात्र महिलाओं के बैंक खाते नहीं खुले हैं, उनके खाते जन-धन योजना के अंतर्गत खुलवाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने अग्रणी जिला प्रबंधक अशोक सोनी को सभी बैंकों से समन्वय स्थापित कर आधार-आधारित बैंक खाते खुलवाने की प्रक्रिया सरल बनाने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को भी लाभार्थियों से संपर्क कर बैंक विवरण उपलब्ध कराने और भुगतान की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।जनहित में अपील : जननी सुरक्षा योजना की पात्र लाभार्थी महिलाएं अपना आधार कार्ड एवं बैंक खाते का विवरण संबंधित अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र या आशा कार्यकर्ता को जल्द उपलब्ध कराएं। जिनका बैंक खाता नहीं खुला है, वे खाता खुलवाएं, ताकि सहायता राशि का भुगतान समय से सुनिश्चित किया जा सके। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र महिला बैंक खाते या अन्य प्रक्रियागत बाधाओं के कारण जननी सुरक्षा योजना की सहायता राशि से वंचित न रहे और सभी पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।



