अलीगढ़

टीबी उन्मूलन दिवस पर 97 ग्राम प्रधान सम्मानित, 100 दिवसीय विशेष अभियान का शुभारंभ

टीबी उन्मूलन अभियान में ग्राम प्रधानों की महती भूमिका

अलीगढ़: मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती विजय सिंह एवं जिलाधिकारी संजीव रंजन की गरिमामयी उपस्थिति में कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान टीबी उन्मूलन की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 97 ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया। इनमें तीन ग्राम पंचायतें ऐसी रहीं जो लगातार तीन वर्षों से टीबी मुक्त बनी हुई हैं। इस अवसर पर 24 मार्च से 100 दिवसीय विशेष अभियान का भी विधिवत शुभारंभ किया गया। जिले की ग्राम पंचायत लुहारा, चिकोर एवं टूआमई ‘गोल्ड कैटेगरी’ में शामिल हैं, जो लगातार तीन वर्षों से टीबी मुक्त बनी हुई हैं। इसके अतिरिक्त 42 ग्राम पंचायतें दो वर्षों से और 52 ग्राम पंचायतें एक वर्ष से टीबी मुक्त हैं।प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के प्रथम चरण की सफलता के उपरांत मंगलवार से द्वितीय चरण के अंतर्गत 100 दिवसीय विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है, जिसके तहत छूटे हुए क्षेत्रों एवं उच्च जोखिम वाली आबादी पर विशेष फोकस किया जाएगा।मा0 अध्यक्षत जिला पंचायत श्रीमती विजय सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतों का सशक्तिकरण ही राष्ट्र के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि पूर्व में टीबी रोगियों को सामाजिक उपेक्षा का सामना करना पड़ता था, किंतु अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर जांच एवं उपचार की प्रभावी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री का आप सभी पर विश्वास ही आपकी कार्यकुशलता का प्रमाण है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने में सहयोग करने का भी आह्वान किया।जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सीमित संसाधनों में भी सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने ग्राम प्रधानों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि जिले की 97 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या अगले वर्ष बढ़कर 500 तक पहुंच सकती है।मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज त्यागी ने टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के छह निर्धारित मानकों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में नवाचार के रूप में प्रत्येक टीबी रोगी को पोषण पोटली उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही दो किस्तों में 6000 की सहायता राशि, निःशुल्क दवाएं एवं समस्त जांच सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने टीबी के संक्रमण, लक्षणों एवं बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर औषधियों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में टीबी रेजिस्टेंट मरीजों के उपचार हेतु 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। साथ ही तीन हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से घर-घर जाकर संदिग्ध मरीजों की एक्स-रे एवं पैथोलॉजी जांच की जा रही है।जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. इमरान ने टीबी उन्मूलन अभियान में सहयोग के लिए ग्राम प्रधानों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नियमित जांच, विशेषज्ञ परामर्श एवं प्रभावी उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है और मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि एवं ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।

JNS News 24

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