संस्थागत प्रसव व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाएं, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: सीडीओ
अंधता निवारण, आयुष्मान योजना, आभा आईडी व संचारी रोग नियंत्रण अभियान की हुई समीक्षा

अलीगढ़ : मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।बैठक के दौरान सीएचसी स्तर पर संस्थागत प्रसव में कमी पाए जाने पर सीडीओ ने संबंधित एमओआईसी से कड़ी नाराजगी जताते हुए जवाब तलब किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा यदि संस्थागत प्रसव पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है तो उनके विरुद्ध ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।सीडीओ योगेंद्र कुमार ने कहा, कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय करते हुए व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए। अंधता निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत मोतियाबिंद सर्जरी की प्रगति गत वर्ष की तुलना में कम पाए जाने पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया और उपलब्धि में सुधार लाने के निर्देश दिए। आभा आईडी निर्माण में अपेक्षित वृद्धि न होने पर संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा गया।अतरौली सौ शैय्या अस्पताल एवं सीएचसी में ओपीडी और संस्थागत प्रसव में गिरावट पर सीएमएस डॉ. दुर्गेश कुमार को कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। अतरौली, जवा, हरदुआगंज एवं चंडौस क्षेत्रों में एक्स-रे सेवाओं की कमी पर भी संबंधित एमओआईसी से स्पष्टीकरण मांगा गया। जिला महिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड सुविधा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाने की जानकारी दी गई। सीडीओ ने आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिकाधिक पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत पुरुष एवं महिला नसबंदी में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए सीडीओ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना ही हमारा लक्ष्य है। प्रत्येक कार्यक्रम को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए। मासिक वेक्टर जनित रोगों की समीक्षा में बताया गया कि अब तक 34,941 रक्त परीक्षण किए गए हैं और जिले में किसी संक्रामक रोग के फैलने की सूचना नहीं है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के प्रभावी संचालन और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में 22.88 लाख से अधिक आभा आईडी बनाए जाने की जानकारी दी गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में भी प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण की रिपोर्टिंग पर भी विस्तार से चर्चा की गई और आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक अनुमोदन प्रदान किए गए।
जिला मलेरिया अधिकारी डा0 विनीता मिश्रा द्वारा जानकारी दी गई कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान का प्रथम चरण 1 अप्रैल से प्रारंभ होगा। इस संबंध में ब्लॉक एवं नगर स्तर पर बैठकों का आयोजन कर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। सीडीओ ने निर्देशित किया कि जनसहभागिता बढ़ाकर अभियान को प्रभावी बनाया जाए। बैठक में नियमित टीकाकरण एवं पूर्ण प्रतिरक्षण कवरेज पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।इस अवसर पर सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी, सीएमएस डॉ. जगवीर वर्मा, डॉ. महेंद्र कुमार माथुर, डॉ. तैय्यब अली खान, डॉ. दुर्गेश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य डॉ दीनानाथ यादव, सीवीओ डॉ दिवाकर त्रिपाठी, सहित डिप्टी सीएमओ, डीएमओ, डीपीओ के के रॉय, सभी एमओआईसी, डीपीएम एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



