पीड़ित किसान के सोने के जेवरात हड़पे, विरोध करने पर दी जान से मारने की धमकी; भाकियू (भानू) ने घेरी चौकी
भारतीय किसान यूनियन (भानू) के पदाधिकारियों के साथ लाला के नगला चौकी इंचार्ज को तहरीर सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की

हाथरस।* कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के अंतर्गत एक पीड़ित किसान के सोने के जेवरात हड़पने, अमानत में खयानत करने और धोखाधड़ी कर जान से मारने की धमकी देने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। न्याय की गुहार लेकर पीड़ित किसान ने भारतीय किसान यूनियन (भानू) के पदाधिकारियों के साथ लाला के नगला चौकी इंचार्ज को तहरीर सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव नगला गजुभा निवासी विजेंद्र सिंह पुत्र स्वर्गीय गिर्राज सिंह ने अपनी खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए २५ जनवरी २०२५ को अपने सोने के जेवरात गिरवी रखे थे। पीड़ित ने दो सोने की चैन और एक गले का सेट (कुल वजन लगभग 50 ग्राम) लाला के नगला के पास रहने वाले महेंद्र सिंह वर्मा और राहुल वर्मा के पास अमानत के तौर पर रखकर तीन बार में कुल 3’45000 रुपये उधार लिए थे।
*पैसे लौटाने पर भी जेवर देने से किया इनकार*
पीड़ित किसान विजेंद्र सिंह का आरोप है कि बीते 15 मई 2026 को जब वह अपने गांव के श्यामवीर, तेजवीर और अशोक को गवाह के रूप में साथ लेकर ब्याज सहित पूरी रकम वापस करने पहुंचे, तो आरोपी महेंद्र वर्मा की नीयत डोल गई। आरोपी ने पीड़ित के लाखों रुपये कीमत के सोने के जेवरात वापस करने से साफ मना कर दिया और उन्हें हड़प लिया।
*गाली-गलौज कर दी जान से मारने की धमकी*
जब पीड़ित किसान ने इस धोखाधड़ी का कड़ा विरोध किया, तो आरोपी और उसके लड़कों ने मिलकर पीड़ित के साथ अभद्रता और गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोपियों ने पीड़ित किसान को धक्के मारकर वहां से भगा दिया और दोबारा आने पर जान से मारने की गंभीर धमकी दी।
*किसान यूनियन ने संभाला मोर्चा, सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने दी तहरीर*
इस घटना से आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन (भानू) के पदाधिकारियों ने पीड़ित किसान को साथ लेकर लाला के नगला चौकी इंचार्ज से मुलाकात की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र सौंपा। इस दौरान भाकियू (भानू) के प्रदेश महासचिव के.के. शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री सत्येंद्र कुमार सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह और अनुसूचित जाति मोर्चा के अनिकेत वाल्मीकि सहित संगठन के सैकड़ों पदाधिकारी व ग्रामीण मुख्य रूप से मौजूद रहे। पीड़ित और यूनियन ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर जेवरात बरामद कराने की मांग की है।



