विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में शासन गंभीर
विभागीय आदेश मिलते ही आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

-डीआईओएस
अलीगढ़ : जिले के चिन्हित माध्यमिक विद्यालयों को अनुदानित श्रेणी में शामिल किए जाने संबंधी प्रकरण में माध्यमिक शिक्षा विभाग छात्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ पूरन सिंह द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शासन की मंशा के अनुरूप जरूरतमंद एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया है कि इस संबंध में शिक्षा निदेशक माध्यमिक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की ओर से अभी तक कोई औपचारिक विभागीय आदेश अथवा निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ है। केवल उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा शिक्षा निदेशक माध्यमिक, उत्तर प्रदेश लखनऊ को संबोधित एक पत्र ई-मेल के माध्यम से प्राप्त हुआ था। चूंकि इस प्रकरण में सक्षम स्तर से स्पष्ट विभागीय आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं, इसलिए नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई लंबित है। डीआईओएस ने कहा है कि शासन की मंशा विद्यार्थियों तक बेहतर शैक्षिक सुविधाएं पहुंचाने की है और शिक्षा विभाग उसी भावना के अनुरूप पूरी पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य कर रहा है। जैसे ही शासन अथवा शिक्षा निदेशालय स्तर से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, नियमानुसार त्वरित अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक प्रक्रिया को विधिसम्मत एवं व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि छात्रहित सुरक्षित रहे और भविष्य में विद्यार्थियों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।



