जनसमस्याओं पर जलकल की त्वरित कार्रवाई, छह नए नलकूपों से मजबूत होगी पेयजल व्यवस्था
कृष्ण विहार में जलापूर्ति सुचारू, चरखवालान में पाइपलाइन की मरम्मत, प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से मिल रहा शुद्ध पेयजल

अलीगढ़ महाप्रबंधक जलकल पी.के. सिंह ने कहा कि नगरवासियों को निर्बाध एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। पेयजल आपूर्ति से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अधिकांश समस्याओं का समाधान करा दिया गया है और शेष कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कृष्ण विहार गली संख्या-6 एवं आसपास के क्षेत्र में भीषण गर्मी और विद्युत आपूर्ति में व्यवधान के कारण अस्थायी रूप से जलापूर्ति प्रभावित हुई थी। यह क्षेत्र जलापूर्ति योजना के अंतिम छोर पर स्थित होने के कारण समस्या अधिक महसूस हुई। विभाग द्वारा तत्काल टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराया गया। वर्तमान में मौसम सामान्य होने के साथ जलापूर्ति पूरी तरह सुचारू हो गई है। साथ ही महेंद्र नगर जलाशय से पृथक पाइपलाइन जोड़ने का कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिसके पूर्ण होने के बाद क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं स्थायी हो जाएगी।महाप्रबंधक ने बताया कि चरखवालान क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत मिलते ही विभागीय टीम ने लगातार तकनीकी जांच की। विस्तृत निरीक्षण के दौरान नाले के भीतर पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त मिली, जिससे प्रदूषित जल वितरण लाइन में प्रवेश कर रहा था। वर्षा के कारण नाले में जलस्तर अधिक होने से तत्काल मरम्मत संभव नहीं हो सकी, जलस्तर कम होते ही पाइपलाइन की मरम्मत कराकर समस्या का पूर्ण स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। तब तक प्रभावित क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति जारी रहेगी। श्री सिंह ने बताया कि नगर की पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत छह नए नलकूप स्थापित किए गए हैं। इन नलकूपों के संचालन से विभिन्न क्षेत्रों में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे जलापूर्ति क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और नागरिकों को बेहतर सुविधा मिल रही है।महाप्रबंधक जलकल ने नगरवासियों को आश्वस्त किया कि विभाग प्रत्येक शिकायत के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। भविष्य में भी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाते रहेंगे।



