सड़क सुरक्षा पर डीएम अविनाश कुमार सख्त, ब्लैक स्पॉट खत्म करने को तय की समयसीमा
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने को प्रशासन का एक्शन प्लान, स्कूली वाहनों की होगी सघन जांच

अलीगढ़ : जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं परिणामपरक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए बैठक में नगर निगम एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा अनुपालन आख्या प्रस्तुत न किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक विभाग बैठक में तथ्यात्मक एवं संख्यात्मक आंकड़ों के साथ प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा केवल विभागीय दायित्व नहीं, बल्कि जनजीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करेंजिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को बौनेर से अकराबाद मार्ग पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट का संयुक्त निरीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए साथ ही बौनेर से गभाना टोल प्लाजा के निरीक्षण के दौरान दिए गए सुझावों का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। नगोला ब्लैक स्पॉट को समाप्त करने के लिए संबंधित एसडीएम से समन्वय स्थापित कर कार्य जल्द पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए।स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने एआरटीओ सत्येंद्र कुमार को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयी वाहनों की फिटनेस, बीमा, परमिट, कलर कोडिंग एवं अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए उन्होंने नगर निगम एवं लोक निर्माण विभाग को आईआरसी के मानकों के अनुरूप स्पीड टेबल निर्माण के लिए उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिएबैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात ने बताया कि पीडब्ल्यूडी एवं एनएचएआई के अंतर्गत चिन्हित 23 ब्लैक स्पॉट में से 10 का सुधार कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष ब्लैक स्पॉट को भी शीघ्र समाप्त कराने की कार्रवाई जारी है। इस पर जिलाधिकारी ने कार्यों में तेजी लाने और नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।विद्यालयों में सड़क सुरक्षा समितियों को सक्रिय बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि प्रत्येक माह निर्धारित तिथि पर विद्यालयों से सड़क सुरक्षा गतिविधियों की रिपोर्ट प्राप्त कर समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाए, ताकि स्कूल एवं वाहन संचालकों समेत विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता विकसित हो सके।बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक यातायात ने बताया कि जून 2026 में जनपद में 120 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 58 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि जून 2025 में 103 दुर्घटनाओं में 63 लोगों की जान गई थी। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है, जो सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक संकेत है।साथ ही यह भी अवगत कराया कि जून माह में शहरी एवं ग्रामीण थाना क्षेत्रों में हेलमेट न पहनने के कारण हुई दुर्घटनाओं में 20 लोगों की मृत्यु हुई।जिलाधिकारी ने हिट एंड रन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशानिर्देश देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रवर्तन से नहीं, बल्कि व्यापक जनजागरूकता से भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर आयोजित सड़क सुरक्षा जागरूकता बैठकों को अधिक प्रभावी, सहभागितापूर्ण एवं जनकेंद्रित बनाने पर विशेष बल दिया, ताकि प्रत्येक नागरिक यातायात नियमों के पालन को अपनी जिम्मेदारी समझे और जनपद में सुरक्षित यातायात संस्कृति को सशक्त बनाया जा सके।



