अलीगढ़

मा0 राज्य मंत्री कृष्णा पासवान ने मंडलीय पशुधन एवं दुग्ध विकास कार्यों की समीक्षा की

गौ संरक्षण एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर दिया जोर जिले में बढ़ेगा बकरी पालन योजना में लक्ष्य

अलीगढ़: प्रदेश की मा0 राज्य मंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास श्रीमती कृष्णा पासवान ने सर्किट हाउस में मंडलीय पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा बैठक कर गौ संरक्षण, पशुपालन एवं दुग्ध विकास से जुड़ी योजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप गौवंश संरक्षण, पशुपालकों के हितों और दुग्ध उत्पादन वृद्धि से संबंधित सभी योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गौवंशों को पर्याप्त हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा तथा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी प्रकार की लापरवाही की स्थिति उत्पन्न न हो।बैठक में अपर निदेशक पशुधन डॉ. हौसला प्रसाद ने बताया कि अलीगढ़ मंडल में कुल 182 गौ आश्रय स्थल संचालित हैं, जिनमें निर्धारित क्षमता 52,747 के सापेक्ष 77,548 गौवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना के अंतर्गत अब तक 15,775 गौवंश लाभार्थियों को सुपुर्द किए जा चुके हैं। गौवंशों के लिए हरे चारे की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 371.45 हेक्टेयर गोचर भूमि चिन्हित एवं संबद्ध की गई है। उन्होंने बताया कि अलीगढ़ जनपद में 6 गौशालाओं का संचालन स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है।मा0 राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक पात्र पशुपालकों को इससे जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि गौ आश्रय स्थलों के नियमित निरीक्षण, स्वच्छता, चारे की उपलब्धता एवं पशुओं के स्वास्थ्य की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने, पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया।मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि अलीगढ़ में 500-500 क्षमता वाले छह वृहद गौ संरक्षण केंद्र संचालित हैं। जुलाई माह में विकास खंडवार अभियान चलाकर अब तक 148 निराश्रित गौवंशों को संरक्षित किया गया है और 122 गौवंश जनसहभागिता योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को सुपुर्द किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूलिंग धनराशि मद में अब तक 1 करोड़ 34 लाख 83 हजार 172 रुपये व्यय किए जा चुके हैं, जबकि 3 करोड़ 27 लाख 27 हजार 834 रुपये की धनराशि शेष है।बैठक में नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री गौ संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना, बकरी पालन, सूकर पालन और उत्तर प्रदेश कुक्कुट विकास नीति के अंतर्गत कमर्शियल लेयर फार्म एवं ब्रायलर पैरेंट फार्म जैसी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री जी ने जिले में बकरी पालन योजना में लक्ष्य बढ़ाए जाने की भी बात कही। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अभिनव पहल के तहत गौशालाओं में गोबर के लट्ठों का बड़े पैमाने पर निर्माण एवं विपणन किया जा रहा है, जिससे गौ संरक्षण के साथ-साथ आय सृजन को भी बढ़ावा मिल रहा है।डेयरी विकास अधिकारी विकास बालियान ने दुग्ध समितियों के संचालन, दुग्ध उत्पादन, संग्रहण एवं विपणन की प्रगति से राज्य मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने दुग्ध सहकारी समितियों के विस्तार एवं किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।समीक्षा बैठक के उपरांत मा0 राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा पासवान ने नगला ओगर राजू स्थित वृहद गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को गौवंशों की बेहतर देखभाल, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पर्याप्त चारा एवं स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।बैठक में डिप्टी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित मंडल के सभी जनपदों के मुख्य एवं वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।

JNS News 24

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