अलीगढ़

स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता पर डीएम का फोकस, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और आशाओं को मिलेगा बेहतर प्रोत्साहन

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम सख्त, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और झोलाछाप चिकित्सकों पर प्रभावी कार्रवाई के दिए निर्देश

अलीगढ़ :  जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कलैक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, क्षय रोग नियंत्रण, संचारी रोग नियंत्रण, आयुष्मान भारत योजना, कृमि दिवस और स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली तीन आशा कार्यकर्ताओं को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित करते हुए अन्य आशाओं को भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरित किया। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरसीएच पोर्टल पर सभी आंकड़े समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत सही तरीके से अपलोड किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की डेटा संबंधी त्रुटि स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर उपचार और आवश्यक होने पर तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्रों को रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में बताया गया कि मई माह की तुलना में संस्थागत प्रसवों की संख्या 5237 से बढ़कर 6111 हो गई है, अर्थात 874 अतिरिक्त सुरक्षित प्रसव हुए हैं जिलाधिकारी ने इसे सकारात्मक प्रगति बताते हुए निर्देश दिए कि जिन लाभार्थियों को बैंक खाते अथवा अन्य तकनीकी कारणों से योजना का लाभ मिलने में परेशानी आ रही है, उनकी समस्या संबंधित खंड विकास अधिकारी के सहयोग से तत्काल दूर कर पात्र महिलाओं को समय पर लाभ उपलब्ध कराया जाएबैठक में सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों में प्रसव, रेफरल व्यवस्था और सिजेरियन प्रसवों की भी समीक्षा की गई एफआरयू छर्रा में 11 और गभाना में 6 सिजेरियन प्रसव किए गए, जबकि जून माह में जिले में कुल 636 सिजेरियन प्रसव हुए। जिलाधिकारी ने कहा कि जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की समीक्षा करते हुए सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियो को 70 प्रतिशत से अधिक प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मातृ मृत्यु के प्रत्येक मामले का गंभीरता से विश्लेषण करने, कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाने एवं गंभीर मरीजों को बिना विलंब एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजने के निर्देश भी दिए गए।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जून माह में 15 बच्चों की सफल सर्जरी कराए जाने की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने अतरौली एवं डीडीयू चिकित्सालय में ओपीडी मरीजों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। बैठक में अवैध चिकित्सकों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 83 निरीक्षण, 75 नोटिस,6 संस्थानों की सीलिंग तथा 42 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। अकराबाद एवं इगलास क्षेत्र में अपेक्षित कार्रवाई न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्रवाई का उद्देश्य किसी का उत्पीड़न नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप चिकित्सकों पर प्रभावी रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि अपंजीकृत क्लीनिकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, जबकि पंजीकृत संस्थानों पर क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के प्रावधानों के अनुसार ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा में इगलास, बिजौली एवं खैर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सीएमओ को संबंधित अधिकारियों को स्मरण पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए बैठक में बताया गया कि अगले माह नई कार्ययोजना के अनुसार अभियान चलाकर टीकाकरण की प्रगति और बेहतर की जाएगी।मीजल्स रूबेला एवं पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान आवश्यक सैंपलिंग कार्य जारी रखने और डिप्थीरिया के तीन मामलों पर सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रेबीज वैक्सीन एवं एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने और आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान सभी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए।राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में 8252 मरीजों का उपचार चल रहा है। वर्ष 2024 से अब तक 63,543 पोषण पोटलियों का वितरण किया जा चुका है और 206 एमडीआर टीबी मरीजों का उपचार किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मरीजों एवं उनके परिजनों को नियमित उपचार और पोषण के प्रति जागरूक करने पर विशेष बल दिया।आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 2826 आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं, जिनमें से 59 आशाएं ही प्रतिमाह 12 हजार रुपये तक का मानदेय प्राप्त कर रही हैं जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक आशा कार्यकर्ताओं को बेहतर प्रदर्शन के माध्यम से कम से कम 9000 रुपये प्रतिमाह मानदेय प्राप्त करने योग्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे आशाओं का मनोबल बढ़ेगा, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।बैठक में संचारी रोग नियंत्रण अभियान, गैर संचारी रोग स्क्रीनिंग और आयुष्मान भारत योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उपचार के उपरांत प्राप्त 95 प्रतिशत से अधिक दावों का भुगतान किया जा चुका है जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए, जिससे आमजन को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम आयोजन के संबंध में बताया गया कि दिवस का आयोजन 14 अगस्त को और मोप आप राउंड 18 अगस्त को होगा।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आरएन सिंह, सभी सीएमएस एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सहित डीपीएम एवं अन्य संबंधित आधिकारिक उपस्थित

JNS News 24

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