धनीपुर स्थित शिव मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा में कथा व्यास ने भावपूर्ण प्रसंग सुनाया
सुंदर सुंदर भजनों के माध्यम से कथा व्यास ने मुग्ध कर दिया

अलीगढ़ : शबरी ने प्रभु श्रीराम की प्रतिक्षा में अपना पूरा जीवन व्यतीत कर दिया। उन्हें पूर्ण विश्वास था कि एक दिन प्रभु श्रीराम मेरी कुटिया में जरूर आयेंगे। इसलिए शबरी वर्षों वर्ष तक वह रास्ता बुहारती हैं। और डीके दिन प्रभु श्रीराम दर्शन देने के लिए उनकी कुटिया तक आ जाते हैं। अयोध्या से पधारे कथा व्यास दीपक मिश्र के इन भावपूर्ण प्रसंग से भक्तगण अश्रुपूरित हो गए। सुंदर सुंदर भजनों के माध्यम से कथा व्यास ने मुग्ध कर दिया।
धनीपुर स्थित शिव मंदिर परिसर इस समय धर्म की नगरी में परिवर्तित हो गया है। कथा वाचक दीपक मिश्र महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास मिलने के बाद वह वन वन भटकते हैं। उसी समय उनकी मुलाकात शबरी से होती है। शबरी के निश्चल प्रेम के भाव में आकर प्रभु श्रीराम जूठे बेर खाने लगते हैं। यह देख शबरी मैया की आंखों से आंसू की धार बह निकलती है। प्रभु शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश देते हैं। यह पावन मिलन हृदय को गदगद कर देता है। कथा वाचक दीपक मिश्र कहते हैं यदि निश्चल भक्ति है तो प्रभु दर्शन देने जरूर आते हैं। कुशलपाल सिंह और स्नेहलता ने व्यास पूजन किया। कथा में भूपेंद्र शर्मा, सुरेन्द्र चौधरी, पार्षद अजीत चौधरी, अखिलेश तिवारी, मनवीर सिंह, लक्ष्मी राज सिंह, रेशम पाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, योगेश सिंह, शाका भारद्वाज आदि मौजूद थे।



