खाद्य पदार्थों और दवाओं की गुणवत्ता से समझौता नहीं, नियमित छापेमारी के निर्देश
एडीएम सिटी ने खाद्य एवं औषधि विभाग की समीक्षा में दिए सख्त निर्देश

अलीगढ़: जनसामान्य को सुरक्षित एवं मानक के अनुरूप खाद्य पदार्थ और गुणवत्तापरक औषधियां उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग प्रवर्तन कार्रवाई को और प्रभावी बनाए। खाद्य पदार्थों में मिलावट और अधोमानक दवाओं की बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त न की जाए। सूचना तंत्र को मजबूत करते हुए नियमित रूप से छापेमारी और नमूना संग्रह की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह निर्देश अपर जिलाधिकारी नगर किंशुक श्रीवास्तव ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय खाद्य एवं औषधि बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य-ग्रेड टू दीपक कुमार ने विभागीय कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस एवं पंजीकरण उपलब्ध कराना विभाग की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। खाद्य सामग्री और औषधियां मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ एवं गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराने के लिए जागरूकता के साथ-साथ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई लगातार की जा रही है।एडीएम सिटी ने खाद्य कारोबारियों को अनिवार्य खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण के दायरे में लाने के लिए संबंधित विभागों से बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाल विकास, आबकारी, मंडी, उद्यान, बेसिक शिक्षा और वाणिज्य कर विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों से खाद्य सुरक्षा विभाग को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण की ऑनलाइन प्रक्रिया का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो।मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वस्थ, सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चार विद्यालयों को ‘ईट राइट स्कूल’ के रूप में आच्छादित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों में सुरक्षित एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों के सेवन की आदत विकसित करना और विद्यालयों में सुरक्षित भोजन की व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
1122 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 357 नमूने लिए
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि विभाग द्वारा अब तक 1122 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया है। इसके अलावा 136 छापामार कार्रवाई करते हुए 357 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए हैं। इनमें से 197 नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जिनमें 95 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। न्यायालय में विचाराधीन वादों में अर्थदंड अधिरोपित कराने एवं उसकी वसूली की कार्रवाई भी जारी है।
औषधि निरीक्षक दीपक लोधी ने बताया कि विभिन्न दवा प्रतिष्ठानों के अब तक 72 निरीक्षण किए गए हैं और 9 छापामार कार्रवाई की गई हैं। इस दौरान 93 औषधीय नमूने संग्रहित किए गए। जांच में चार नमूने अधोमानक पाए गए हैं, जबकि चार अन्य नमूनों के संबंध में विवेचना प्रक्रिया चल रही है।
एडीएम सिटी ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को गंभीरता से लेते हुए कहा कि नशीली एवं प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जाना आवश्यक है। उन्होंने खाद्य एवं औषधि सुरक्षा अधिकारियों को सतर्कता के साथ कार्रवाई करने और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। साथ ही व्यापारियों से अपील की कि नशीली दवाओं अथवा अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री से संबंधित किसी भी जानकारी को विभाग और प्रशासन तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, दवाओं की शुद्धता और जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही महत्वपूर्ण है। जनता को सुरक्षित खाद्य एवं गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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