कोई पात्र न छूटे, योजनाओं का लाभ हर घर तक पहुंचे, 7-8 प्रतिशत छात्रवृत्ति आवेदन निरस्त, कमिश्नर नाराज
प्रधानाचार्यों की तय होगी जिम्मेदारी, स्कूलवार मांगा निरस्त आवेदनों का ब्योरा

अलीगढ़ छात्रवृत्ति के 7 से 8 प्रतिशत आवेदन पत्र निरस्त होने पर मंडलायुक्त ओपी आर्य ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त होना चिंताजनक है। विद्यार्थियों और अभिभावकों को आवेदन निरस्त होने के कारणों के प्रति जागरूक किया जाए तथा विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय के निरस्त आवेदन पत्रों का अलग-अलग ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।मंडलायुक्त सोमवार को शिविर कार्यालय में समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, बेसिक, मध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उप निदेशक समाज कल्याण मनोज कुमार ने बताया कि छात्रवृत्ति प्रक्रिया को पूरी तरह कंप्यूटरीकृत किया गया है। ऑनलाइन आवेदन के साथ आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है। मंडलायुक्त ने विद्यालयों में छात्रवृत्ति का टाइम शिड्यूल प्रदर्शित करने के लिए फ्लैक्सी लगाने के भी निर्देश दिए।
‘पात्र को लाभ देने में रोड़ा क्यों’
राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना की समीक्षा में बड़ी संख्या में आवेदन अस्वीकृत होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। जन्म-मृत्यु का समय से पंजीकरण होने के बाद संबंधित सूचना उपलब्ध कराकर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा जब सरकार पात्र लाभार्थी को लाभ देना चाहती है तो फिर कोई रोड़ा क्यों बन रहा है राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना को समयबद्ध बताते हुए उन्होंने प्रभावित परिवारों से समय से आवेदन कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि सीएम डैशबोर्ड और विभागीय आंकड़ों में किसी भी योजना के आंकड़ों में अंतर नहीं होना चाहिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में मंडल के लिए 3166 विवाह का लक्ष्य निर्धारित है। तीन जिलों में विवाह संपन्न हो चुके हैं, जबकि कासगंज में टेंडर प्रक्रिया चल रही है। मंडलायुक्त ने कासगंज में देरी का कारण स्पष्ट करने और शीघ्र अधिकाधिक आवेदन कराने के निर्देश दिए। अनुसूचित जाति के निर्धन परिवारों की पुत्रियों की शादी योजना में 335 आवेदन लंबित बताए गए। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत यूपीएससी, यूपीपीएससी, एनडीए, नीट और जेईई समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराए जाने की जानकारी दी गई। पीएम आदर्श ग्राम योजना के संतृप्त ग्रामों की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई।
60,432 दिव्यांग लाभार्थियों को भेजी धनराशि
दिव्यांगजन पेंशन योजना में उप निदेशक पारिशा मिश्रा ने बताया कि मंडल के 60,432 पात्र लाभार्थियों के खातों में हाल ही में धनराशि भेजी गई है। मंडलायुक्त ने जन्मजात दिव्यांगता के कारणों का अध्ययन करने पर भी जोर दिया। मंडल में संचालित चार वृद्धाश्रमों में 289 महिला-पुरुष निवासरत बताए गए।
मंडल में 6240 विद्यालय, 4.95 लाख विद्यार्थी
बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा में एडी बेसिक लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया कि मंडल में 6240 विद्यालयों में 4,95,101 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। 3286 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र, 6387 शिक्षामित्र, 691 अनुदेशक और 19,035 नियमित शिक्षक कार्यरत हैं मंडलायुक्त ने प्राथमिक विद्यालयों से पढ़कर विभिन्न क्षेत्रों में नाम रोशन करने वाले पूर्व विद्यार्थियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को सभी 31 निर्धारित पैरामीटर पर संतृप्त करने और मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण व संचालन की भी समीक्षा की गई। उन्होंने आरएमपीएसयू के अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रवृत्ति की समस्या विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधक नहीं बननी चाहिए। बैठक में जेडीसी मंशाराम यादव सहित संबंधित मण्डलीय एवं जिलास्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।



