जर्जर आवासों की तकनीकी जांच कराकर होगा स्थायी समाधान
विकास प्राधिकरण ने गठित की एई-जेई की टीम

अलीगढ़ जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विकास प्राधिकरण ने विभिन्न आवासीय कॉलोनियों में जर्जर भवनों की स्थिति का तत्काल संज्ञान लिया है। सचिव अलीगढ़ विकास प्राधिकरण राहुल विश्वकर्मा ने बताया कि संबंधित क्षेत्रों में भवनों की वास्तविक स्थिति का तकनीकी आकलन कराने के लिए प्राधिकरण के सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता की टीम गठित कर स्थलीय निरीक्षण की कार्रवाई शुरू कराई जा रही है।प्राधिकरण के अनुसार स्थलीय निरीक्षण के दौरान भवनों की संरचनात्मक स्थिति, जर्जरता की गंभीरता तथा निवासियों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। तकनीकी आकलन के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी संभावित जोखिम को समय रहते दूर किया जा सके।विकास प्राधिकरण द्वारा जर्जर भवनों के स्थायी समाधान के लिए शासन द्वारा जारी उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 के प्रावधानों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत प्रभावित भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा। तकनीकी परीक्षण के उपरांत निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र भवनों को पुनर्विकास योजना में शामिल किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।पुनर्विकास की स्थिति में नियमानुसार संबंधित सोसायटियोंध्आवंटियों की दो-तिहाई सहमति प्राप्त की जाएगी। इसके बाद पीपीपी मॉडल अथवा प्राधिकरण स्तर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराकर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी सचिव विकास प्राधिकरण ने बताया कि प्राधिकरण के उद्देश्य जर्जर आवासीय भवनों से जुड़े जोखिमों का तकनीकी एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। प्राधिकरण द्वारा सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप आवासीय क्षेत्रों के पुनरुद्धार एवं पुनर्विकास की वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।



