डेंगू से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय, 11.19 लाख से अधिक बने आयुष्मान गोल्डन कार्ड
जननी सुरक्षा योजना के लंबित प्रकरण 28 सितंबर तक मिशन मोड में निस्तारित करें -सीडीओ

अलीगढ़ : मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलैक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए सीडीओ ने पात्र लाभार्थियों को शासन की योजनाओं का समयबद्ध लाभ दिलाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान सीडीओ ने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए विशेष पैरवी की जाए। उन्होंने सभी एमओआईसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही अथवा बहानेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जेएसवाई के लंबित कार्यों को 28 सितंबर तक मिशन मोड में पूर्ण कराने की समयसीमा निर्धारित की।समीक्षा में बताया गया कि गंभीर प्रसव के सभी प्रकरणों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। प्रसव के दौरान कराए जाने वाले अल्ट्रासाउंड की समीक्षा में बताया गया कि अगस्त माह में 1,594 यूएसजी किए गए, जिनमें से 643 के भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण की गई है। सीडीओ ने एमओआईसी को निर्देशित किया कि संबंधित देयक समय से प्रस्तुत किए जाएं, जिससे लाभार्थियों एवं संबंधित संस्थानों को भुगतान में विलंब न हो। उन्होंने सभी एचआरपी प्रकरणों में अनिवार्य रूप से अल्ट्रासाउंड कराने के भी निर्देश दिए।
बांड पर दो वर्ष की सेवा के लिए आए चिकित्सकों की कार्यप्रगति की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने कहा कि चिकित्सकों की सेवाओं का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए और जिस उद्देश्य से शासन द्वारा उनकी तैनाती की गई है, उसकी प्रभावी पूर्ति हो। उन्होंने एमओआईसी को चिकित्सकों की उपलब्धता एवं सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
आरबीएसके के तहत 26 टीमें सक्रिय, डॉ. अमित सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जनपद में 26 टीमें कार्य कर रही हैं। जन्मजात बीमारी से ग्रसित 13 बच्चों को चिन्हित किया गया, जिनमें से 11 बच्चों की सर्जरी कराई जा चुकी है। हेल्थ एटीएम की समीक्षा में संबंधित संस्थाओं से प्रभावी पैरवी कर शेष एटीएम को भी क्रियाशील कराने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि वर्तमान में दो हेल्थ एटीएम संचालित हैं।
क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया गया कि तीन अस्पतालों एवं 50 अवैध चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए गए हैं। बैठक में जनपद के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रेरणा कैंटीन खोले जाने की जानकारी भी दी गई।
1350 टीबी मरीजों को महंगे निजी इलाज से मिली राहत
डॉ. दिनेश खत्री ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिलाधिकारी की विशेष पहल से 1,350 मरीजों को निजी एवं महंगे इलाज से राहत दिलाते हुए सरकारी चिकित्सालयों से जोड़ा गया है। इससे मरीजों को बेहतर एवं सुलभ सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। वेक्टर बॉर्न डिजीज की समीक्षा में डॉ. खत्री ने बताया कि अगस्त से नवंबर माह तक डेंगू की दृष्टि से संवेदनशील अवधि रहती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरी सक्रियता के साथ निरंतर जांच एवं निगरानी की जा रही है। सीडीओ ने डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए सतत निगरानी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से टेलीकंसल्टेशन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ दिलाने पर जोर दिया।
11.19 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड जारी
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में सीएमओ ने बताया कि जनपद में अब तक 11,19,230 आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। अगस्त माह में ही 5,832 कार्ड बनाए गए। सीडीओ ने निर्देश दिए कि पात्रता के बावजूद गोल्डन कार्ड से वंचित लाभार्थियों को चिन्हित कर अभियान चलाकर कार्ड बनवाए जाएं। बताया गया कि योजना के अंतर्गत अब तक 2,72,138 मरीजों का उपचार कराया गया है। अगस्त माह में 6,721 आयुष्मान लाभार्थियों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। सीडीओ ने कहा कि पात्र लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है।
मुख्य विकास अधिकारी ने सेवा संकल्प अभियान के दौरान निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप सभी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित कर सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य योजनाओं की नियमित समीक्षा, लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।



