क्षमावाणी महापर्व पर जैन समाज ने निकाली भव्य रथयात्रा
क्षमावाणी महापर्व पर निकली भव्य रथयात्रा, गूंजे भगवान महावीर के जयकारे,गले मिलकर एक-दूसरे से मांगी क्षमा

दशलक्षण महापर्व के समापन पर रविवार को सकल जैन समाज द्वारा क्षमावाणी महापर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह नित्य नियम, श्रीजी का अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा के साथ धार्मिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन खण्डेलवाल मंदिर पंचायत से उपाध्याय मुनि श्री 108 शिवदत्त सागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य राकेश भैया के निर्देशन में श्रीजी की पालकी गाजे-बाजे के साथ श्री लख्मीचंद पांड्या खण्डेलवाल दिगम्बर जैन ट्रस्ट मंदिर पहुंची।
दोपहर में सागर से पधारी दीक्षा जैन के भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद सकल जैन समाज की उपस्थिति में क्षमावाणी महापर्व की भव्य रथयात्रा निकाली गई। सुरजीत जैन पाटनी द्वारा मुख्य पात्रों का चयन कराया गया। श्रीजी को रथ पर विराजमान कर रथयात्रा का शुभारंभ मानवेन्द्र प्रताप सिंह, एलएलसी एवं जगवीर किशोर जैन, पूर्व एमएलसी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया।
रथयात्रा श्री लख्मीचंद पांड्या खण्डेलवाल दिगम्बर जैन ट्रस्ट परिसर से प्रारंभ होकर आगरा रोड, बजरिया और बराई होते हुए श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन खण्डेलवाल मंदिर पंचायत पहुंचकर संपन्न हुई। बैंड-बाजों के साथ निकली रथयात्रा में भगवान महावीर के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति में झूमते और नृत्य करते नजर आए, वहीं महिलाएं भजन-कीर्तन करते हुए भगवान के गुणगान करती रहीं। मार्ग में जगह-जगह धर्मप्रेमी बंधुओं ने रथयात्रा का स्वागत कर श्रीजी की मंगल आरती की।
रथयात्रा के समापन के बाद बड़े मंदिर जी में श्रीजी का जलाभिषेक किया गया। क्षमावाणी पर्व के अवसर पर जैन समाज के लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर क्षमा मांगी और जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए परस्पर क्षमायाचना की। सभी ने “मिच्छामि दुक्कडम्” कहते हुए आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया।

इन्हें मिला रथयात्रा में सौभाग्यमुख्य रथ में सौधर्म इंद्र का सौभाग्य विजय कुमार जैन एवं पारस जैन को मिला। सारथी के रूप में महेंद्र कुमार जैन पांड्या एवं सौरभ जैन पांड्या रहे। खजांची के रूप में मनोज जैन यूके एवं धर्मेंद्र कुमार जैन पाटनी तथा इंद्र के रूप में सारांश जैन पांड्या एवं अनिल जैन दोषी रहे।छोटे रथ में सारथी का सौभाग्य मुकेश जैन एवं गगन जैन तथा इंद्र का सौभाग्य संजय जैन एवं अंकित जैन को प्राप्त हुआ। मंगल आरती का सौभाग्य सुरजीत जैन पाटनी परिवार को मिला।इस अवसर पर नरेंद्र कुमार जैन विजय कुमार जैन प्रद्युम्न कुमार जैन सुरेश कुमार जैन गढ़ी राजीव जैन मयंक जैन अजय कुमार जैन ज्ञानेंद्र कुमार जैन अरुण कुमार जैन कैलाश चंद्र जैन ओमप्रकाश जैन प्रमोद जैन रामकुमार जैन मुनेश जैन मुकेश जैन अशोक जैन दोषी नीरज जैन हरिकांत जैन प्रदीप जैन प्रकाश जैन घनश्यामदास जैन यतीश जैन अंशुल जैन गौरव जैन दीपेंद्र जैन कुणाल जैन, नवनीत जैन मोहित जैन प्रशांत जैन राजा जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के पुरुष, महिलाएं एवं बच्चे मौजूद रहे।



