अलीगढ़

किसानों को MSP पर फसल बेचने का सुनहरा मौका

धान रुपया 2,441, बाजरा रुपया 2,900 और मक्का रुपया 2,410 प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा

अलीगढ़  किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए अलीगढ़ मंडल में खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के अंतर्गत धान, बाजरा और मक्का की खरीद के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयुक्त अलीगढ़ मंडल ओपी आर्य ने कमिश्नरी कार्यालय में आयोजित बैठक में खरीद व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्र निर्धारित समय पर खुलें और फसल बेचने आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार धान 2,441 रुपये, बाजरा 2,900 रुपये और मक्का 2,410 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। मंडल के चारों जिलों में धान खरीद के लिए 70, बाजरा के लिए 50 और मक्का के लिए 22 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हाथरस में ज्वार खरीद के लिए एक केंद्र खोला गया है, जहां ज्वार का समर्थन मूल्य 4,023 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है।
कासगंज में बाजरा खरीद शुरू समीक्षा के दौरान बताया गया कि मंडल में फिलहाल कासगंज जिले में बाजरा खरीद प्रारंभ हुई है। अन्य जिलों में खरीद शुरू करने की तैयारियां पूरी हैं। आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखते हुए खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जाए।
एक पंजीकरण से सभी फसलों की बिक्रीसमर्थन मूल्य योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट https://fcs.up.gov.in पर सभी फसलों के लिए एक ही ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। किसान क्यूआर कोड के माध्यम से किसान मित्र एप डाउनलोड कर स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे अथवा संबंधित क्रय केंद्र के प्रभारी के माध्यम से भी पंजीकरण कराया जा सकता है।सभी राजकीय क्रय केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे। उपज का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से सीधे किसान के आधार से लिंक अथवा एनपीसीआई मैप्ड बैंक खाते में किया जाएगा। आयुक्त ने किसानों से अपील की कि वे अपनी उपज नजदीकी राजकीय क्रय केंद्र पर बेचकर न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना का लाभ उठाएं। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्रों के संचालन, किसानों की सुविधाओं और खरीद प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का निर्धारित मूल्य प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

JNS News 24

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