अलीगढ़

रामायण पाठ से गूंजे मंदिर परिसर

रामकथा, सुंदरकांड, भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया गया रामायण का संदेश

अलीगढ़  महाकाव्य रामायण के रचयिता आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती के अवसर पर जिले के विभिन्न मंदिरों में रामकथा, रामायण पाठ, सुंदरकांड एवं भजन-कीर्तन के आयोजन किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और रामायण के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।इसी क्रम में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र प्राचीन खेरेश्वर मंदिर परिसर में पर्यटन विभाग की ओर से सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री कृष्णपाल सिंह ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार एवं क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने भगवान श्री राम-माता सीता, महाबली हनुमानजी और महर्षि वाल्मीकि जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

 

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि शासन के निर्देशों के क्रम में जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों श्री अचलेश्वर मंदिर, श्री दक्षिणेश्वर हनुमान मंदिर टप्पल, वाल्मीकि मंदिर जवां, वाल्मीकि मंदिर दुर्गापुरी सासनीगेट और खेरेश्वर मंदिर सहित विभिन्न विकास खंडों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान सांस्कृतिक कलाकारों ने भक्तिमय प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।आयोजन स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, सुरक्षा, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था के साथ दरी-बिछावन की समुचित व्यवस्था की गई। इन आयोजनों के माध्यम से धार्मिक स्थलों पर जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने के साथ भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और महर्षि वाल्मीकि जी के साहित्यिक योगदान के प्रति जन-जागरूकता का संदेश दिया गया।

JNS News 24

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