संविधान के मूल्यों, निःशुल्क विधिक सहायता और बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक होंगे विद्यार्थी
संविधान दिवस पर शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण, विद्यालयों में सुरक्षित एवं भेदभावमुक्त वातावरण बनाने पर जोर

अलीगढ़भारतीय संविधान दिवस 26 नवंबर के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दीवानी न्यायालय स्थित पुस्तकालय सभागार में संविधान संवाद विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के चयनित शिक्षकों को संवैधानिक अधिकारों एवं कर्तव्यों, निःशुल्क विधिक सहायता और बाल सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों एवं आमजन को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षित किया गया।प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव श्रीमती साक्षी गर्ग ने शिक्षकों से कहा कि वे विद्यार्थियों में संविधान के प्रति सम्मान, समानता, राष्ट्रीय एकता और मौलिक कर्तव्यों की भावना विकसित करें। विद्यालयों में सुरक्षित, समानतापूर्ण एवं भेदभावमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के साथ बच्चों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके अधिकारों की रक्षा करने पर भी विशेष ध्यान दें।उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 39ए के तहत समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था है। आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई भी पात्र व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी जरूरतमंदों तक पहुंचाना आवश्यक है। प्रशिक्षण में पॉक्सो अधिनियम, 2012 के अंतर्गत बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण देने और उनकी गरिमा और निजता बनाए रखने के प्रति भी जागरूक किया गया। किसी भी संदिग्ध घटना या अपराध की जानकारी मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित प्राधिकरण अथवा पुलिस को सूचित करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में संविधान, राष्ट्रध्वज एवं राष्ट्रगान के सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने जैसे मौलिक कर्तव्यों की जानकारी भी दी गई। शिक्षकों से इन मूल्यों को विद्यार्थियों के व्यवहार और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर शिक्षक अजय शर्मा, विपिन कुमार सिंह, अनंत कुमार सिंह शेरावत, रामचन्द्र यादव, अजय कुमार शुक्ला, पूनम सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
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