अलीगढ़

छात्रवृत्ति डेटा फॉरवर्डिंग में लापरवाही पर मान्यता निरस्तीकरण तक की कार्रवाई, डीएम की दोटूक चेतावनी

पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रहा तो संबंधित संस्थान की जवाबदेही तय होगी

अलीगढ़: छात्रवृत्ति डेटा फॉरवर्डिंग में सुस्ती बरतने वाले शिक्षण संस्थानों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि डेटा फॉरवर्डिंग में लापरवाही या अनियमितता की शिकायत मिलने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ मान्यता निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जा सकती है। बैठक का प्रमुख निर्णय यह रहा कि सभी संबंधित शिक्षण संस्थान अक्टूबर माह के अंत तक निर्धारित पोर्टल पर छात्रवृत्ति डेटा फॉरवर्ड करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। बुधवार को कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने छात्रवृत्ति योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में 333 डिग्री कॉलेजों के प्रबंधन सहित 50 बड़े डिफॉल्टर कॉलेजों को बुलाया गया। एएमयू के रजिस्ट्रार, आरएमपीएसयू तथा आईटीआई और पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्यों के साथ भी छात्रवृत्ति प्रक्रिया को लेकर चर्चा की गई। जिले में अब तक केवल 32 प्रतिशत विद्यालयों द्वारा ही छात्रवृत्ति डेटा फॉरवर्ड किए जाने पर डीएम ने सख्त रुख अपनायासमयसीमा तय, लापरवाही पर संस्थान होंगे जवाबदेहजिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में प्राप्त छात्रवृत्ति डेटा की आवश्यक जांच कर निर्धारित पोर्टल पर अक्टूबर के अंत तक फॉरवर्ड किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी या किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डेटा फॉरवर्डिंग में शिकायत मिलने पर संबंधित संस्थान के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें मान्यता निरस्तीकरण तक का कदम शामिल है।पात्र छात्र का हक रूका तो होगी कार्रवाईडीएम ने कहा कि छात्रवृत्ति प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिलती है और वे अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख पाते हैं। ऐसे में किसी पात्र विद्यार्थी का छात्रवृत्ति लाभ संस्थान की लापरवाही के कारण रुकना गंभीर मामला है। उन्होंने प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि कोई भी पात्र विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहने पाए। जिलाधिकारी ने चेताया कि संस्थान की छोटी-सी त्रुटि किसी विद्यार्थी के भविष्य पर गंभीर असर डाल सकती है। इसलिए सभी संबंधित संस्थान समयसीमा का पालन करते हुए डेटा फॉरवर्डिंग की प्रक्रिया पूरी करें। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि छात्रवृत्ति के पात्र विद्यार्थियों का हक सुनिश्चित करना प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही करने वाले संस्थानों की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार और जिला समाज कल्याण अधिकारी विनीत मलिक सहित अन्य अधिकारीकरण भी उपस्थित रहे।

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JNS News 24

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