पला सल्लू ब्लैक बक संरक्षण केंद्र को पुनः आकर्षक एवं सुदृढ़ स्वरूप देने के लिए शासन को जाएगा प्रस्ताव
ब्लैक बक संरक्षण को मिलेगा नया संबल अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज क्षेत्र ब्लैक बक के हैं प्राकृतिक आवास

अलीगढ़ गभाना क्षेत्र स्थित पला सल्लू ब्लैक बक संरक्षण केंद्र को नए सिरे से विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। वन विभाग ने संरक्षण केंद्र के सुंदरीकरण, जल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वन विभाग के अनुसार अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज क्षेत्र ब्लैक बक के प्राकृतिक आवास रहे हैं। गभाना तहसील के पला सल्लू में स्थापित ब्लैक बक संरक्षण केंद्र वर्षों से इस दुर्लभ वन्यजीव के संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बीते वर्षों में डिफेंस कॉरिडोर, औद्योगिक परियोजनाओं और अन्य विकास कार्यों के कारण क्षेत्र के प्राकृतिक आवास में परिवर्तन हुआ है, जिसके चलते ब्लैक बक निकटवर्ती क्षेत्रों की ओर प्रवास कर गए हैं।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ब्लैक बक की संख्या में कमी का कोई प्रमाणिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में संरक्षण केंद्र में पानी की व्यवस्था के लिए तालाब मौजूद हैं और वनकर्मियों की नियमित ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद संरक्षण व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए चहारदीवारी, तालाबों के पुनरुद्धार और जलापूर्ति संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर करने की योजना बनाई जा रही है।
प्रभागीय वन अधिकारी शिवम कुमार ने बताया कि पला सल्लू ब्लैक बक संरक्षण केंद्र को पुनः आकर्षक एवं सुदृढ़ स्वरूप देने के लिए शासन को विस्तृत प्रस्ताव भेजा जाएगा। इससे न केवल वन्यजीव संरक्षण को बल मिलेगा बल्कि क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। वन विभाग का मानना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए ब्लैक बक के सुरक्षित आवास को संरक्षित रखना प्राथमिकता है। प्रस्तावित सुधार कार्यों के बाद संरक्षण केंद्र एक बार फिर वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकेगा।



