सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, दुर्घटनाएं रोकने के लिए तेज होंगे सुरक्षा उपाय
ओवरस्पीडिंग और नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई, सड़क सुरक्षा समिति ने बनाई रणनीति

अलीगढ़ : जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने एनएचएआई एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलिस अधीक्षक यातायात द्वारा चिन्हित स्थानों पर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र पूर्ण कराए जाएं और इसकी आख्या प्रस्तुत की जाए। अवैध कट को समाप्त करने एवं गलत दिशा में वाहन चलाए जाने की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई की जाए। जाम, प्रदर्शन अथवा आंदोलन के माध्यम से विकास कार्य बाधित करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।बैठक में बताया गया कि संबंधित विभागों द्वारा अब तक विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा संबंधी कार्य कराए गए हैं। अधिशासी अभियंता लोनिवि योगेश कुमार ने बताया कि 27 स्थानों पर कार्य पूर्ण किए गए हैं, जबकि एक्सईएन संजीव पुष्कर ने 37 स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक यातायात को इन कार्यों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए।सूत मिल चैराहे पर जाम की समस्या पर जिलाधिकारी ने एआरएम से जवाब तलब किया। सड़क पर बसों के खड़े होने की शिकायतों पर उन्होंने चालान की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस पर एआरएम ने बताया कि पूर्व की समस्या का समाधान कर दिया गया है और भविष्य में शिकायत न आने देने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। जिलाधिकारी ने इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।ब्लैक स्पॉट की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि कराए गए सुरक्षात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए। पार्किंग व्यवस्था की समीक्षा में बताया गया कि नगर में 13 संस्थानों पर पार्किंग संचालित की जा रही है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन संस्थानों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, उनके साथ बैठक कर उन्हें लिखित रूप से अवगत कराया जाए। निर्धारित समयावधि में अनुपालन न करने पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने बेसमेंट खाली कराकर पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने शहर के मध्य सड़कों पर बने टेबल टॉप को मानक के अनुरूप दुरुस्त कराने और स्पीड ब्रेकर भी निर्धारित मानकों के अनुसार ही बनाए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ट्रैफिक कंजेशन पॉइंट्स का ऑडिट कराने के लिए समिति गठित करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई, जिसमें एआरटीओ प्रवेश कुमार द्वारा विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।डीएम ने सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल 2026 में जिले में 119 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि अप्रैल 2025 में यह संख्या 95 थी, जो 25.26 प्रतिशत वृद्धि दर्शाती है। अप्रैल 2026 में दुर्घटनाओं में 47 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह संख्या 46 थी। जनवरी से अप्रैल 2026 तक 540 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि वर्ष 2025 की समान अवधि में यह संख्या 374 थी। इसी अवधि में मृतकों की संख्या 178 से बढ़कर 193 हो गई। समीक्षा में दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण तेज गति एवं लापरवाही पाया गया।मार्गवार आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2026 में एक्सप्रेस-वे पर 1, राष्ट्रीय राजमार्गों पर 42, राज्य राजमार्गों पर 26, प्रमुख जिला मार्गों पर 22 तथा अन्य जिला मार्गों पर 28 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। यातायात विभाग द्वारा मार्च 2026 में व्यापक अभियान चलाते हुए बिना लाइसेंस वाहन संचालन पर 1833, बिना फिटनेस वाहनों पर 880, स्कूल वाहनों में मानक उल्लंघन पर 189 तथा मॉडिफाइड साइलेंसर एवं प्रेशर हॉर्न के खिलाफ 281 चालान किए गए। परिवहन विभाग ने अप्रैल 2026 में 378 चालान किए, जबकि जनवरी से अप्रैल तक कुल 1731 चालानों की कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ओवरस्पीडिंग पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए और आमजन को यातायात नियमों के प्रति निरंतर जागरूक किया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क चैड़ीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए वन निगम के अधिकारी के.पी. सिंह को निर्देशित किया कि सड़क चैड़ीकरण में बाधक पेड़ों की कटान की कार्यवाही हर हाल में 31 मई तक पूर्ण कराई जाए, ताकि निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके। रामघाट-कल्याण मार्ग पर चल रहे चैड़ीकरण कार्य की समीक्षा के दौरान अधीक्षण अभियंता विद्युत अंशुमान यादव को विद्युत पोलों के शीघ्र प्रतिस्थापन के निर्देश दिए गए। उन्होंने अवगत कराया कि मार्ग पर कुल 2600 विद्युत खंभे स्थापित किए जाने हैं और आपूर्ति के अनुरूप कार्य प्रगति पर है।
बैठक में एडीएम सिटी, डीएफओ, पुलिस अधीक्षक यातायात, अधीक्षण अभियंता विद्युत, अधीक्षण अभियंता एनएचएआई, सहायक अभियंता यमुना एक्सप्रेसवे, एआरटीओ समेत संबधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।



