अवैध उर्वरक कारोबार पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, डीएपी और पोटाश के 67 बैग सील
दो स्थानों से उर्वरक बरामद, तीन नमूने जांच के लिए भेजे; दो आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज

-जिलाधिकारी
अलीगढ़ : जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने और अवैध उर्वरक कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला कृषि अधिकारी की प्रवर्तन टीम ने सोमवार को गुप्त सूचना के आधार पर गभाना क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध रूप से उर्वरक का कारोबार किए जाने का मामला पकड़ा। कार्रवाई के दौरान डीएपी एवं पोटाश के कुल 67 बैग बरामद किए गए। उर्वरकों की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर तीन नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। साथ ही गोदाम में रखे उर्वरक स्टॉक को सील कर दिया गया है।
जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने मैसर्स बाबा मोहनराम फर्टिलाइजर्स, गभाना पर जांच की। जांच में संजय सिंह उर्फ संजू निवासी हीरापुर के गोदाम में किराये पर रखकर मुनेश कुमार निवासी ग्राम कोमला द्वारा कथित रूप से बिना वैध विक्रय प्राधिकार पत्र के उर्वरक का कारोबार किया जाना सामने आया। मौके से आईपीएल कंपनी की डीएपी के 12 बैग और आईपीएल पोटाश के 43 बैग बरामद हुए। इसके अतिरिक्त ग्राम कोमला में भी आईपीएल डीएपी के 12 बैग पाए गए।
पूछताछ के दौरान मुनेश कुमार ने अपने लिखित बयान में उक्त उर्वरकों की आपूर्ति बनी सिंह उर्फ बुद्धपाल निवासी सुमेरा, थाना गभाना द्वारा किए जाने की जानकारी दी। उर्वरकों से संबंधित बिल एवं वैध विक्रय प्राधिकार पत्र मांगे जाने पर वह प्रस्तुत नहीं कर सके। प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने और उर्वरकों की गुणवत्ता संदिग्ध होने पर विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए गोदाम में रखे स्टॉक को सील कर मुनेश कुमार की सुपुर्दगी में दे दिया।
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार बिना वैध विक्रय प्राधिकार पत्र के उर्वरकों का कारोबार करना और निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन करना उर्वरक नियंत्रण संबंधी प्रावधानों के विपरीत है। इस मामले में बनी सिंह उर्फ बुद्धपाल एवं मुनेश कुमार के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पूर्व में चंडौस में भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद गुणवत्ता के संबंध में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अनधिकृत बिक्री अथवा नकली उर्वरक के कारोबार में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक की खरीद अधिकृत विक्रेताओं से ही करें और पॉस मशीन के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही उर्वरक प्राप्त करें। यदि कोई व्यक्ति बिना पॉस मशीन के अनधिकृत रूप से उर्वरक की बिक्री अथवा आपूर्ति करता है या उर्वरक की कालाबाजारी में संलिप्त पाया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।



