जल जीवन मिशन में अलीगढ़ ने पकड़ी रफ्तार, मार्च 2027 तक पूर्ण होंगी शेष योजनाएं
अलीगढ़ जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गुरुवार को जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई

अलीगढ़ जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गुरुवार को जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सभी ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए चल रहे कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण ने बताया कि जनपद के कुल 1124 राजस्व ग्रामों में से 54 ग्राम पूर्व निर्मित 43 पेयजल योजनाओं से आच्छादित हैं। नवीन अनुरक्षण नीति-2024 के अंतर्गत इन योजनाओं के सुदृढ़ीकरण तथा आगामी 10 वर्षों के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी चयनित संस्था को सौंपी गई है, जिसके लिए आवश्यक प्राक्कलन मुख्यालय को भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि शेष 1070 ग्रामों में जल जीवन मिशन के तहत व्यापक स्तर पर कार्य कराए जा रहे हैं। मिशन के अंतर्गत प्रस्तावित 731 नलकूपों में से 730, 731 पम्प हाउसों में से 722, 7171 किलोमीटर वितरण प्रणाली में से 7120 किलोमीटर तथा 3,93,876 गृह जल संयोजनों में से 3,86,058 संयोजन पूर्ण किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 1947 किलोमीटर रोड ट्रेंच मरम्मत कार्य भी सम्पन्न हो चुका है। शेष कार्यों को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि 1070 ग्रामों में से 164 ग्रामों में सभी कार्य पूर्ण कर 117 योजनाओं को संचालन एवं अनुरक्षण व्यवस्था में शामिल कर लिया गया है, जहां शिरोपरि जलाशयों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति की जा रही है। वहीं 558 ग्रामों में प्रत्यक्ष पम्पिंग एवं आंशिक रूप से शिरोपरि जलाशयों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। बैठक में अवगत कराया गया कि भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन की समयावधि दिसंबर 2028 तक बढ़ा दी गई है। जुलाई 2024 से केंद्रांश की धनराशि प्राप्त न होने के कारण कुछ परियोजनाओं की गति प्रभावित हुई है, इसके बावजूद विभाग द्वारा जनहित में आंशिक जलापूर्ति निरंतर बनाए रखी गई है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि 90 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने ग्रीष्मकाल को देखते हुए पाइपलाइन लीकेज एवं अन्य तकनीकी समस्याओं का तत्काल निस्तारण कराने तथा शेष परियोजनाओं से भी जल्द से जल्द जलापूर्ति प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।



