अलीगढ़

विधुत विभाग के तानाशाह रवैया को लेकर व्यापारियों में आक्रोश पुतला दहन

बिजली विभाग द्वारा व्यापारियों, उद्योगों एवं आम उपभोक्ताओं के उत्पीड़न तथा बिजली की बढ़ती दरों के निस्तारण हेतु एक ज्ञापन मा. मुख्यमंत्री उ प्र सरकार ने नाम

विधुत विभाग के तानाशाह रवैया को लेकर व्यापारियों में आक्रोश पुतला दहन कर किया प्रदर्शन व्यापारी उत्पीड़न वन्द कर निर्वाध आपूर्ति हो सुनिश्चित प्रदीप गंगा ……. उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, उत्तर प्रदेश अलीगढ़ द्वाराबिजली विभाग द्वारा व्यापारियों, उद्योगों एवं आम उपभोक्ताओं के उत्पीड़न तथा बिजली की बढ़ती दरों के निस्तारण हेतु एक ज्ञापन मा. मुख्यमंत्री उ प्र सरकार ने नाम ज्ञापन भेजा गया इससेविधुत विभाग के विरोध में नारेबाजी करके जोरदार प्रदर्शन किया तथा विधुत विभाग उ प्र का पुतला दहन किया।प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष व‌‌‌ जिलाध्यक्ष प्रदीप गंगा ने कहा कि उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उ प्र अलीगढ़ इस मांग पत्र के माध्यम से प्रदेश के उद्योगों, व्यापारियों और आम जनता की गंभीर बिजली समस्याओं की ओर प्रदेश के मुखिया का ध्यान आकर्षित करना चाहता है। वर्तमान में बिजली विभाग द्वारा लगातार नए-नए नियम बनाकर उपभोक्ताओं का आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है। बिजली की बढ़ती महंगाई के कारण उत्तर प्रदेश के उद्योग व व्यापार पड़ोसी राज्यों में पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। इससे आने वाले समय में प्रदेश सरकार को राजस्व की भारी हानि उठाना तय है।
अतः आपसे करबद्ध अनुरोध है कि जनहित और व्यापार हित में निम्नलिखित समस्याओं का संज्ञान लेकर तुरंत निस्तारण के आदेश पारित करने की कृपा करें।

 

1. बिजली मीटर के दामों में बेतहाशा वृद्धि की वापसी:
बिजली विभाग द्वारा 2 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए मीटर के दाम 750/- रुपये से बढ़ाकर सीधे 5300/- रुपये कर दिए गए हैं। यह वृद्धि पूरी तरह से अनुचित और आम जनता व छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ है। इस बढ़ी हुई राशि को तत्काल वापस लिया जाए।
2. अवैध रूप से बढ़ाए गए लोड को निरस्त करना:
उत्तर प्रदेश के लगभग 47 लाख उपभोक्ताओं का लोड बिना किसी पूर्व सूचना, नोटिस या सुनवाई के एकतरफा तरीके से बढ़ा दिया गया है। विभाग का यह तर्क गलत है, क्योंकि यदि कोई उपभोक्ता अधिक लोड इस्तेमाल करता है, तो विभाग उससे ‘डिमांड पेनल्टी’ (Demand Penalty) वसूलता है। यदि किसी उपभोक्ता को आवश्यकता होगी, तो वह स्वयं आवेदन कर लोड बढ़वाएगा। अतः इस प्रकार अवैध रूप से बढ़ाए गए 47 लाख उपभोक्ताओं के लोड को तुरंत पुराने स्तर पर बहाल किया जाए।
3. अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी की मांग पर रोक:
47 लाख उपभोक्ताओं का लोड एकतरफा बढ़ाने के साथ-साथ विभाग द्वारा नई दरों से अतिरिक्त सिक्योरिटी राशि मांगी जा रही है। इसका अरबों रुपये का सीधा आर्थिक भार उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। जनहित को ध्यान में रखते हुए इस एकतरफा आर्थिक वसूली को तुरंत समाप्त करने के आदेश दिए जाएं।
4. 10% ईंधन अधिभार (Fuel Surcharge) की समाप्ति:
उत्तर प्रदेश में बिजली के बिलों में ‘ईंधन अधिभार’ (Fuel Surcharge) के रूप में 10% अतिरिक्त राशि जोड़ी जा रही है। इससे हर वर्ग के उपभोक्ता का मासिक बजट बिगड़ गया है। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए इस 10% ईंधन अधिभार को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए।
5. अघोषित बिजली कटौती पर पूर्ण रोक:
प्रदेश में लगातार हो रहीऋ अघोषित बिजली कटौती की अनियमितता के कारण राज्य के उद्योग-धंधे और व्यापार पूरी तरह ठप हो रहे हैं। उत्पादन प्रभावित होने से व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। अतः उद्योगों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अघोषित बिजली कटौती को तुरंत बंद कर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
महानगर अध्यक्ष आलोक प्रताप सिंह ने कहा कि
उत्तर प्रदेश का व्यापार और उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि बिजली विभाग के इस तानाशाही और दमनकारी रवैये को न रोका गया, तो प्रदेश का औद्योगिक विकास पूरी तरह ठप हो जाएगा। व्यापारियों को पूर्ण विश्वास है कि आप व्यापारियों और आम जनता के हितों की रक्षा करते हुए इन मांगों पर त्वरित एवं सकारात्मक निर्णय लेंगे।
पुतला दहन व प्रर्दशन में उपस्थित सर्व श्री महानगर अध्यक्ष आलोक प्रताप सिंह, प्रदेश मंत्री अरून गोयल , महिला प्रदेश उपाध्यक्ष संगीता वार्ष्णेय, जिलाध्यक्ष उधोग मंच राकेश वार्ष्णेय, युवा महानगर अध्यक्ष हेमन्त गर्ग,आमोद महाशय , ज्ञान प्रकाश वार्ष्णेय,ज्योति गुप्ता, डा प्रतिमा शर्मा, मंजू राजपूत, रवि वार्ष्णेय, वीरेंद्र चौधरी, संजीव अटल, अंकित अग्रवाल, हरेंद्र सिंह,एम ए खान गांधी,नईम अहमद पार्षद, मो आसिम, कुलदीप सिंह टीटू,मो आमिर, शहनवाज, प्रशांत सिंह, हेमन्त गुप्ता,रवि सैनी, लोकेश, मोहित माहौर, धर्मवीर सिंह, महेशचंद्र वघेल,दीपक वर्मा, प्रेमचंद सिंह, विजेंद्र कुमार, नासिर, धर्मेंद्र कुमार आदि सैकड़ों व्यापारी उपस्थित थे।

JNS News 24

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