अलीगढ़

जिलाधिकारी ने कलैक्ट्रेट में स्वामी विवेकानंद एवं रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा का किया लोकार्पण

1893 में शिकागो में विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया

अलीगढ़ 26 जनवरी 2024 (सू0वि0) जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट में ध्वजारोहण के उपरांत रामकृष्ण मिशन के संस्थापक, वेदांत के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि स्वामी जी की प्रतिमा की स्थापना से जिले के युवाओं को प्रेरणा प्राप्त होगी। उन्होंने बताया की स्वामी जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था। आपका वास्तविक नाम नरेंद्र नाथ दत्त था। आपने 1893 में शिकागो में विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया। उनका कथन था कि उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।

 जिलाधिकारी ने इसके उपरांत रानी लक्ष्मीबाई की घोड़े पर सवार प्रतिमा का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा महिला शक्ति के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी में 19 नवंबर 1828 को हुआ था। आपके बचपन का नाम मणिकर्णिका था,

परंतु प्यार से उन्हें मनु कह कर पुकारा जाता था। लोग उनको छबीली भी कहते थे। वह 1857 की क्रांति की दूसरी शहीद वीरांगना थीं। 29 वर्ष की आयु में अंग्रेजों से युद्ध किया। 1842 में झांसी के मराठा शासित गंगाधर राव नेवालकर के साथ आपका विवाह हुआ। विवाह के पश्चात उनका नाम लक्ष्मीबाई रखा गया। इस अवसर पर एडीएम अमित कुमार भट्ट, पंकज कुमार नगर मजिस्ट्रेट रमाशंकर, एसीएम के0बी0 सिंह, मो0 अमान, संयुक्त निदेशक पेंशन एवं कोषागार महिमा चन्द, सहायक आयुक्त खाद्य सर्वेश मिश्रा समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

JNS News 24

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