सुरक्षित दीपावली के लिए प्रशासन सख्त, आतिशबाजी की दुकानों पर सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य
आतिशबाजी की दुकानों में तीन मीटर की दूरी और अग्निशमन इंतजाम जरूरी, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने आतिशबाजी के भंडारण और बिक्री के लिए जारी किए कड़े निर्देशदीपावली पर आतिशबाजी की दुकानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से होगा पालनजिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश, नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाईअलीगढ़ : दीपावली पर्व पर आतिशबाजी के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने आतिशबाजी के अस्थायी भंडारण एवं बिक्री के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में आतिशबाजी के लाइसेंस धारकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों की जानकारी देते हुए उनका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं। साथ ही आमजन को भी सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि दीपावली का पर्व सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया जा सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि विस्फोटक नियम, 2008 (संशोधित) के नियम 84 एवं संबंधित अधिसूचनाओं के तहत अस्थायी दुकानों से आतिशबाजी के भंडारण एवं बिक्री के लिए निर्धारित शर्तों का पालन अनिवार्य है। आतिशबाजी की दुकानें अज्वलनशील सामग्री से बने सुरक्षित अस्थायी शेड में ही संचालित की जाएंगी। प्रत्येक दो दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर तथा किसी सुरक्षित कार्यस्थल से कम से कम 50 मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा। दुकानें एक-दूसरे के आमने-सामने नहीं बनाई जाएंगी। एक समूह में अधिकतम 50 दुकानें ही स्थापित की जा सकेंगी। ऐसे दुकान समूहों के लिए प्राथमिक चिकित्सा, एंबुलेंस एवं कम से कम दो अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराना आवश्यक होगा। आतिशबाजी की दुकानों से 50 मीटर के भीतर किसी भी प्रकार का आतिशबाजी प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि दुकानों में तेल, गैस के लैंप, लालटेन, मोमबत्ती अथवा किसी भी प्रकार के खुले अग्नि स्रोत का प्रयोग नहीं किया जाएगा। विद्युत प्रकाश व्यवस्था सुरक्षित ढंग से दीवार अथवा छत पर फिक्स की जाएगी। दुकान का आपातकालीन निकास हमेशा खुला रखा जाए और उसके रास्ते में कोई अवरोध न हो। दुकानों के भीतर अनावश्यक भीड़ न लगने दी जाए तथा आतिशबाजी के खाली अथवा भरे डिब्बों को दुकान के सामने एकत्र न किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि लाइसेंसधारी केवल अधिकृत एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप आतिशबाजी ही खरीदें और बेचें। पैकेटों पर निर्माता का नाम तथा आतिशबाजी के उपयोग एवं कार्यप्रणाली से संबंधित आवश्यक विवरण अंकित होना चाहिए। दुकान में खुली आतिशबाजी प्रदर्शित अथवा संग्रहित नहीं की जाएगी। क्लोरेट युक्त प्रतिबंधित आतिशबाजी, तारा बत्ती एवं रोल डॉट कैप्स का दुकान में भंडारण एवं बिक्री नहीं की जाएगी। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी वयस्क की अनुपस्थिति में आतिशबाजी की बिक्री नहीं की जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्येक दुकान पर पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र एवं बालू से भरी बाल्टियां उपलब्ध रखना अनिवार्य होगा। दुकानदारों, सेल्समैन एवं कर्मचारियों को आतिशबाजी की खतरनाक प्रकृति तथा उसके सुरक्षित रखरखाव एवं संचालन के संबंध में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। दुकानों के सामने कोई अस्थायी शेड अथवा प्लेटफार्म नहीं बनाया जाएगा और न ही ढ़ीले विद्युत कनेक्शन का प्रयोग किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि आतिशबाजी के भंडारण एवं बिक्री में विस्फोटक नियमों तथा अनुज्ञप्ति की शर्तों का पूर्ण पालन किया जाए। आतिशबाजी में लिथियम, एंटीमनी, मरकरी, आर्सेनिक, लेड एवं स्ट्रोंशियम क्रोमेट जैसे प्रतिबंधित यौगिक पदार्थ नहीं होने चाहिए। ध्वनि प्रदूषण संबंधी निर्धारित मानकों एवं माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का भी कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में आतिशबाजी के सभी लाइसेंसधारकों को इन दिशा-निर्देशों से अवगत कराएं तथा व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से आमजन को भी जागरूक करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए जिम्मेदारी के साथ आतिशबाजी करें और स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। जनसहयोग से ही दीपावली का पर्व सुरक्षित, सुखद एवं दुर्घटनामुक्त बनाया जा सकता है।



