कच्चे आशियाने से आत्मनिर्भरता तक: प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली कश्मीरी देवी के परिवार की तस्वीर
पक्का घर बना नई शुरुआत का आधार, आवास योजना से खुली आत्मनिर्भरता की राह

कच्चे आशियाने से आत्मनिर्भरता तक: प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली कश्मीरी देवी के परिवार की तस्वीर
पक्का घर बना नई शुरुआत का आधार, आवास योजना से खुली आत्मनिर्भरता की राहछत मिली तो बदली जिंदगी: प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ सम्मानजनक जीवन का सपनापक्का घर बना आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत, प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली कश्मीरी देवी के परिवार की जिंदगी पीएम आवास शहरी के प्रथम चरण में 23093 को मिली छत द्वितीय चरण में 9898 स्वीकृत
अलीगढ़ प्रधानमंत्री आवास योजना, शहरी केवल लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह आर्थिक, सामाजिक और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत का माध्यम भी बन रही है। नगर निगम क्षेत्र के बुद्धविहार, नगला कलार निवासी कश्मीरी देवी का परिवार इसका प्रेरक उदाहरण है, जहां पक्का घर मिलने के बाद जीवन की दिशा ही बदल गई। परियोजना अधिकारी डूडा कौशल कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 के तहत विगत 09 वर्ष में 23093 आवासहीनों को लाभान्वित किया गया है जबकि योजना के द्वितीय चरण में शासन द्वारा 9898 आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है।
कश्मीरी देवी बताती हैं कि विवाह के बाद लगभग दस वर्षों तक उनका परिवार किराये और कच्चे मकान में रहने को विवश रहा। परिवार की आजीविका के लिए वह और उनके पति रामबाबू रोजाना बेलदारी का कार्य करते थे। काम की अनिश्चितता, सीमित आय और कच्चे मकान की कठिन परिस्थितियों के कारण परिवार का जीवन लगातार संघर्षों से घिरा रहा। बारिश के मौसम में घर में पानी भर जाता था और जहरीले जीव-जंतुओं का भय हमेशा बना रहता था।
इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, शहरी की जानकारी मिली। उन्होंने डूडा कार्यालय में आवेदन किया और पात्रता के आधार पर योजना के अंतर्गत तीन किश्तों में 2.50 लाख रुपये की सहायता प्राप्त हुई। इस राशि से उन्होंने दो कमरे, रसोईघर और स्नानघर सहित पक्का मकान तैयार कराया।कश्मीरी देवी कहती हैं कि पक्का घर मिलने से केवल रहने की समस्या का समाधान नहीं हुआ, बल्कि परिवार को सम्मान और आत्मविश्वास भी मिला। अब बारिश और असुरक्षा की चिंता समाप्त हो गई है। सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन यह हुआ कि उन्होंने और उनके पति ने बेलदारी का कार्य छोड़कर अपने घर के एक कमरे में परचून की दुकान शुरू कर दी, जिससे परिवार की नियमित आय सुनिश्चित हो गई और आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा बेहतर हो गई। उनके अनुसार अब परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है, सामाजिक सम्मान बढ़ा है और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। वह प्रधानमंत्री आवास योजना को अपने परिवार के जीवन का सबसे बड़ा परिवर्तनकारी अवसर मानते हुए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। कश्मीरी देवी की कहानी इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री आवास योजना, शहरी केवल पक्के मकानों का निर्माण नहीं कर रही, बल्कि गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव भी प्रदान कर रही है। जिले में योजना से लाभान्वित अनेक परिवारों के लिए यह योजना नए जीवन और नए विश्वास का आधार बन रही है।



