पावर ऑफ अटॉर्नी पर भी देना होगा पूरा स्टांप शुल्क, परिवार के सदस्यों को राहत
परिवार के सदस्य आपस में पावर ऑफ अटॉर्नी करते हैं तो 5000 रूपये ही करने होंगे जमा

स्टांप एवं पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने बैठक कर नये नियमों की दी जानकारी
राजस्व नुकसान को रोकने के लिए जनहित में उठाया गया कदम
पावर ऑफ अटॉर्नी के नए बदलाव से किसानों, भवन मालिकों, भू स्वामियों का होगा हित, फ्रॉड से बचेंगे लोग
रजिस्ट्री दफ्तर खैर एवं इगलास के जीर्ण-क्षीर्ण भवन के नवन निर्माण के लिए दें प्रस्ताव
सभी पंजीकरण कार्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय समेत अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं रखें दुरुस्त
– मा0 स्टाम्प मिनिस्टर, रवींद्र जायसवाल
अलीगढ़ –अचल संपत्ति के लिए किसी के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी (मुख्तारनामा) करना आसान नहीं होगा। अब रजिस्ट्री की भांति ही स्टांप शुल्क देना होगा। यद्यपि प्रदेश सरकार ने परिवार के सदस्यों के लिए बड़ी राहत देते हुए उन्हें इस नियम से मुक्त रखा है। यदि परिवार के सदस्य आपस में पावर ऑफ अटॉर्नी करना चाहते हैं तो उन्हें 5000 रूपये ही जमा करने होंगे।

उक्त उद्गार स्टांप एवं पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने अलीगढ़ भ्रमण के दौरान व्यक्त किये। वह सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पावर ऑफ अटॉर्नी का सदुपयोग ना होकर बड़े पैमाने पर दुरुपयोग होने की शिकायतें मिल रहीं थीं कि इससे व्यापक स्तर पर स्टाम्प चोरी की जा रही है। उन्होंने बताया कि परिवार से अलग किसी व्यक्ति को अचल संपत्ति बेचने का अधिकार देने के लिए मुख्तारनामा किया जाता है। यद्यपि उसका पंजीकरण नहीं होता है लेकिन विलेख की प्रमाणिकता के लिए लोग उसका पंजीकरण कराते हैं इसी में बड़े स्तर पर स्टांप चोरी के कई मामले प्रकाश में आए हैं।

अब मुख्तारनामों में बेनामी की तरह ही सम्पत्ति के डीएम सर्किल रेट के हिसाब से स्टाम्प शुल्क लगेगा, परन्तु परिवार के सदस्यों- माता-पिता, पत्नी, पुत्र वधु, पुत्र-पुत्री, दामाद, भाई-बहन, नाती-नातिनी, पौत्र-पौत्री को स्टाम्प शुल्क के स्थान पर 5000 रूपये देने होंगे। माननीय मंत्री जी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के भीतर जमीन, मकानों की खरीद बिक्री वर्ष 2016-17 की तुलना में लगभग दो गुना हो गया है। ऐसा माना जाता है कि जब कोई व्यक्ति रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करते हुए मकान, जमीन खरीदता है या आपना आशियाना को बनाने में पैसा इन्वेस्ट करता है, तो उसकी आय में बढ़ोत्तरी होना माना जाता है। माननीय प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में भारत का परिदृश्य बदला है। लोग उत्तर प्रदेश में अपना आशियाना बसा रहे हैं और निवेश भी कर रहे हैं। इससे साफ-साफ संदेश जाता है कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था सुधरी है। गुण्डों और माफियाओं का मनोबल गिरा है। प्रदेश में लगातार औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हो रही है। युवाओं को रोजगार मिल रहा है। निवेशक उत्तर प्रदेश में आने के लिए बेकरार देखे जा रहे हैं। जन सामान्य की प्रति व्यक्ति आय में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
विभागीय समीक्षा के दौरान माननीय मंत्री रवींद्र जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता रजिस्ट्री कराने आती है, वह सरकार को रेवेन्यू देती है। जनता एवं आम जन सामान्य के प्रति अधिकारियों कर्मचारियों का व्यवहार आचरण अच्छा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अधिकारियों द्वारा जनपद के दो रजिस्ट्री दफ्तर खैर एवं इगलास में जीर्ण-क्षीर्ण होना बताया गया, जिस पर उन्होंने नवीन भवन निर्माण के लिए अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पंजीकरण कार्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय समेत अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टोलरेंस सिर्फ कहने का नहीं, बल्कि दिखना चाहिए। शिकायत मिलने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में मा0 विधायक शहर मुक्ता संजीव राजा, एडीएम वित्त मीनू राणा एवं स्टाम्प रजिस्ट्रेशन के अधिकारी उपस्थित रहे।



