जनहित एवं गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए विकास कार्य समयबद्ध पूर्ण कराएं – जिलाधिकारी
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्णढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए

हाथरस (सूचना विभाग)। कलेक्ट्रेट सभागार में 15वें वित्त आयोग तथा अवस्थापना निधि में अवशेष/प्राप्त धनराशि से कराये जाने वाले विकास एवं निर्माण कार्यों हेतु प्राप्त प्रस्तावों की स्वीकृति के संबंध में बैठक करते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्णढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने प्रस्तावित कार्यों के अनुमोदन से लेकर पूर्ण होने तक समस्त कार्यों का समय-समय पर मौका मुआयना करने तथा आवशेष/अपूर्ण कार्यो को तय समय में गुणवत्ता पूर्ण ढंग से पूर्ण करने व नये स्वीकृत कार्यों की टेंडर प्रक्रिया ससमय कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस धनराशि का उपयोग स्थानीय नागरिकों के लाभ के लिए पारदर्शी और प्रभावी तरीके से किया जाए। साथ ही, इस धनराशि का सही स्थान पर आवंटन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को विस्तृत योजना प्रस्तुत करने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य में प्रस्तावित कार्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाए और सुनिश्चित किया जाए कि योजना के सभी बिंदुओं का सही तरीके से पालन हो। उन्होंने नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के प्रतिनिधियों से यह भी कहा कि वे अपने क्षेत्र में लोगों की समस्याओं को पहचानकर उसे प्राथमिकता देने के लिए उचित कदम उठाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि बैठक मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों की गति को बढ़ाने और नागरिकों की सेवा में सुधार लाने तथा आम जनमानस की मुलभूत आवश्कताओं को पूरा करना है। जिलाधिकारी ने समस्त नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के मा0 अध्यक्ष और अधिकारियों से निरंतर सहयोग और समर्पण के साथ कार्य करने की अपेक्षा की ताकि सभी प्रस्तावित योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रस्ताव सदन की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार किए जाएं, जिससे परियोजनाओं का लाभ आमजनमानस तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। उन्होंने नगर निकायों में गीले एवं सूखे कूड़े के समुचित प्रबंधन हेतु प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध कॉलोनियों एवं नई अनियोजित बसावट को बढ़ावा न दिए जाने पर भी जोर दिया। बैठक में नए हैंडपंप/वाटर कूलर स्थापित करने से पूर्व संबंधित उप जिलाधिकारी द्वारा स्थलों का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। ग्रीष्म ऋतु के दृष्टिगत नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थलों पर शुद्ध पेयजल की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जिलाधिकारी ने शहर के मुख्य नालों एवं नालियों में जमा सिल्ट की सफाई हेतु विशेष अभियान चलाने तथा निकाली गई सिल्ट का समय से उठान कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त हैंड पाइप रिबोर से निकले पुराने पाइपों का उपयोग गौशालाओं में टीन शेड निर्माण कार्य में किए जाने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विकास कार्यों हेतु धनराशि उपलब्ध है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा कार्य पूर्ण होने के उपरांत संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं ठेकेदारों का भुगतान नियमानुसार समय से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित स्थलीय निरीक्षण किए जाने पर भी बल दिया।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, संबंधित नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के मा० चेयरमैन, अधिशासी अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



