आयुर्वेदिक-यूनानी निजी चिकित्सालयों का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य
50 शैया से कम क्षमता वाले चिकित्सालयों एवं नैदानिक प्रतिष्ठानों का 5 वर्ष के लिए होगा पंजीकरण एवं नवीनीकरण

अलीगढ़ 30 सितंबर 2026 (सू0वि0) रू आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति से संचालित निजी चिकित्सालयों एवं नैदानिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण की प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत अलीगढ़ एवं हाथरस में संचालित 50 शैया से कम क्षमता वाले निजी आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों और नैदानिक प्रतिष्ठानों का पंजीकरण एवं नवीनीकरण ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. नरेन्द्र कुमार ने बताया कि शासन एवं निदेशक आयुर्वेद सेवाएं, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में निजी आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के पंजीकरण की प्रक्रिया क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 के अंतर्गत निर्धारित की गई है। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण सिस्टम फ़ॉर आयुष क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंटस के माध्यम से आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में पंजीकृत एवं नवीन पंजीकरण कराने वाले सभी निजी आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सकों, चिकित्सालय संचालकों, जिनके चिकित्सालयों की क्षमता 50 शैया से कम है, को अपने प्रतिष्ठान का पंजीकरण निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल www.upayush.in पर कराना सुनिश्चित करना होगा।डा. नरेन्द्र कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार पात्र निजी चिकित्सालयों एवं नैदानिक प्रतिष्ठानों का पंजीकरण, नवीनीकरण निर्धारित शर्तों के अधीन 05 वर्ष की अवधि के लिए किया जाएगा। ऑनलाइन व्यवस्था से पंजीकरण प्रक्रिया में सुगमता के साथ अभिलेखीय पारदर्शिता और नियमन को भी प्रभावी बनाया जा सकेगा।क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने सभी संबंधित निजी चिकित्सकों एवं चिकित्सालय संचालकों से अपील की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय से ऑनलाइन पंजीकरण, नवीनीकरण की कार्रवाई पूर्ण करें, ताकि आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवाओं को शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सके।



