जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समय से दें, लंबित भुगतान तत्काल निस्तारित करें -डीएम
जननी सुरक्षा योजना में 77.58 प्रतिशत लाभार्थियों को भुगतान, शत-प्रतिशत भुगतान के लिए बैकलॉग खत्म करने के निर्देश

अलीगढ़ जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतानों को प्राथमिकता से निस्तारित कर शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बैकलॉग समाप्त न होने पर संबंधित अधिकारियों का वेतन बाधित किया जाएगा।जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समय पर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। सभी अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, भुगतान और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें, ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
समीक्षा में पाया गया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत 29,988 लाभार्थियों के सापेक्ष 23,264 को भुगतान किया गया है, जो 77.58 प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने शेष लाभार्थियों का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों के बैंक खाता खुलने में आ रही समस्या पर डीएम ने एलडीएम को निर्देशित किया कि आधार बेस्ड बैंक एकाउंट खोलने के संबंध में सभी बैंकों को अवगत करा दिया जाए। डीएम ने आशाओं के इंसेंटिव में वृद्धि के लिए एमओआईसी को विशेष प्रयास करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने आरोग्य निधि के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए पात्र प्रकरणों के प्रस्ताव प्रस्तुत करने को भी कहा, ताकि आर्थिक कठिनाई के कारण किसी जरूरतमंद को उपचार में परेशानी न हो।उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड भुगतान की समीक्षा में 975 अल्ट्रासाउंड होने के बावजूद भुगतान लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए समय से वाउचर जनरेट कर भुगतान कराने के निर्देश दिए। सुरक्षित मातृत्व अभियान में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर लोधा, इगलास और बिजौली के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों का प्रभार हटाने के लिए सीएमओ को निर्देशित किया। प्रसव के दौरान एक महिला की मृत्यु के मामले में भी जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने और एमसीपी कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाने के निर्देश दिए। जिन स्वास्थ्य केंद्रों की मेडिसिन इंडेंट आईडी नहीं बनी है, उन्हें शीघ्र तैयार कर सीएमओ कार्यालय को सूचना उपलब्ध कराने को कहा गया।जन्मजात बीमारियों से ग्रसित 2,744 बच्चों को मिला उपचार:आरबीएसके के अंतर्गत जिले में 26 टीमें कार्यरत हैं। इनके माध्यम से जन्मजात बीमारियों से संबंधित प्रकरणों में अब तक2,744 बच्चों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बैठक में ओपीडी एवं आईपीडी सेवाओं में वृद्धि और एक्स-रे सेवाओं में प्रगति की भी समीक्षा की गई। शल्य चिकित्सा सेवाओं में संतोषजनक कार्य होने की जानकारी दी गई।
बैठक में क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट के अंतर्गत जिले में 59 बेड से कम क्षमता वाले 495 चिकित्सालयों की जानकारी दी गई। इनमें चार का नवीन पंजीकरण किया गया और 68 निरीक्षण किए गए। तीन पंजीकृत चिकित्सालयों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत संचालित 166 केंद्रों में से 79 का निरीक्षण किया गया। वहीं, झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध 19 तहरीर दी गईं और 42 को नोटिस जारी किए गए। बैठक में राष्ट्रीय अंधता निवारण, परिवार नियोजन, क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई।वैक्टर बॉर्न डिज़ीज़ की रोकथाम के सबंध में बताया गया कि निरन्तर एलाइजा आए ड़ेंगी स्लाइड्स बनाने में बढ़ोतरी हुई है। डीएम ने झाड़ी कटान, फॉगिंग, एंटी लार्वा एक्टिविटी को प्रभावी बनाए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ योगेन्द्र कुमार, सीएमओ डा0 आर0एन0 सिंह, एसीएमओ डा0 दिनेश खत्री, डीएमओ डा0 विनीता मिश्रा, कोषाधिकारी पूजा श्रीवास्तव, डीपीओ के0के0 राय समेत सभी सीएमएस, एमओआईसी एवं अन्य चिकित्सकगण उपस्थित रहे।



