मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, परिश्रम और ईमानदारी ही सफलता का मूल मंत्र
मा0 एमएलसी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष ने जिले के मेधावियों का किया सम्मान

-मुख्यमंत्री
अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों के प्रोत्साहन के लिए सोमवार को कलैक्ट्रेट सभागार में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया गया, जिसे विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक देखा एवं सुना। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकासोन्मुखी कार्यों पर आधारित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।राज्य स्तरीय समारोह में मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने माध्यमिक शिक्षा विभाग की केंद्र एवं राज्य स्तरीय बोर्ड परीक्षा में प्रदेश स्तर पर टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले 1682 मेधावी छात्र-छात्राओं, प्रधानाचार्यों एवं अभिभावकों को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सार्थक प्रयास सदैव सुखद परिणाम देते हैं। इस वर्ष टॉप-10 सूची में छात्राओं की संख्या छात्रों की अपेक्षा अधिक होना समाज के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि माता-पिता का त्याग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और विद्यार्थियों का परिश्रम उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।
मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में आज नकलविहीन एवं शुचितापूर्ण परीक्षा व्यवस्था स्थापित हुई है, जिसके परिणामस्वरूप प्रतिभाएं खुलकर सामने आ रही हैं। मा0 विधान परिषद सदस्य चौ0 ऋषिपाल सिंह ने विद्यार्थियों से जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर एकाग्रता के साथ उसे प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। मा0 एमएलसी डा0 मानवेन्द्र प्रताप सिंह ने समय प्रबंधन को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि पुस्तकें जीवन की सच्ची साथी हैं और ज्ञान अर्जन का सर्वाेत्तम माध्यम भी।कार्यक्रम में जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने तथा पुस्तकों को अपना सबसे अच्छा मित्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रकृति अलग होती है, इसलिए विद्यार्थियों को अवधारणात्मक अध्ययन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर सीखने और समझने की संस्कृति विकसित करने का आग्रह किया। साथ ही अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजकर शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का आह्वान किया।
जिला विद्यालय निरीक्षक डा0 पूरन सिंह ने बताया कि जिले में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में 101556 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिसके सापेक्ष 96784 ने परीक्षा दी एवं 80302 उत्तीर्ण हुए।जिले स्तर पर हुआ सम्मान:हाईस्कूल के मेधावी विद्यार्थी आयुष वार्ष्णेय, करन कुमार, बुधेन चौधरी, दीपेश कुमार, रेनू यादव, साध्वी, कृष्टी, जतिन यादव, श्रद्धा, सृष्टि एवं इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र गगन शर्मा, दीक्षा शर्मा, माही, चंचल, प्रेक्षा उपाध्याय, भावना, कुलदीप सिंह, कंुज कुमार, हेमन्त कुमार, प्राची गोयल, साक्षी, टीनू को स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशस्ति पत्र, मेडल एवं 21-21 हजार रूपये का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार, जॉइंट मजिस्ट्रेट आयुष जायसवाल, संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा मनोज गिरि, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पूरन सिंह, सह जिला विद्यालय निरीक्षक राजकिशोर, मनोज कुमार, प्रधानाचार्य मनोरमा ठाकुर, शीलेन्द्र यादव, अर्चना फौजदार सहित बड़ी संख्या में मेधावी विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।



