अलीगढ़

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली की सीएम डैशबोर्ड पर समीक्षा बैठक संपन्न

परिवहन विभाग के टॉप 3 में आने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए रैंकिंग को बनाए रखने के दिये

अलीगढ़ जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। डीएम ने कहा कि विकास एवं निर्माण कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। विकास एवं निर्माण कार्यों को सतत् रूप से जारी रखने के लिए विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाले राजस्व की शत-प्रतिशत वसूली की जाए।डीएम ने परिवहन, स्टांप, वन, आबकारी, खनिज, नगर निकाय, कृषि, लोक निर्माण विभाग, वाणिज्य कर, मंडी, बांट माप, विद्युत एवं अन्य विभिन्न विभागों के लक्ष्य के सापेक्ष वसूली की समीक्षा करते हुए कहा कि जो शासन द्वारा लक्ष्य निर्धारित किया गया है उसी के सापेक्ष सभी विभाग प्रगति प्राप्त करें। उन्होंने उप जिलाधिकारियों से कहा कि विद्युत की आरसी वसूली शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराएं। इसी प्रकार बैंक खनन अन्य विभागों की वसूली को भी बढ़ावा दिया जाए। तहसीलदार वसूली पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि राजस्व वादों में दायरे के अनुसार निस्तारण सुनिश्चित कराएं। जितने तालाब, पोखर व सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा है उनको तत्काल खाली कराएं। अविवादित वरासत का भी अभियान चलाकर चिन्हित करके निस्तारण कराएं, अगर कोई समस्या हो तो नायब तहसीलदार व तहसीलदार, एसडीएम के संज्ञान में लाएं। उन्होंने कहा कि पुराने वादों का निस्तारण कराते हुए सुनिश्चित करें कि ग्राम सभा की जमीनों पर किसी भी तरह का कब्जा नहीं होना चाहिए। इस पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराएं कि धारा- 67 के जो मामले हैं, उसका एसडीएम अपनी देखरेख में निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि सीएम डैशबोर्ड में गत माह में जनपद की जो रैंकिंग थी उससे कम नहीं होना चाहिए, जिन विभागों की रैंकिंग जिन बिन्दुओं पर कम रही है वह सभी संबंधित अधिकारी उन सभी बिंदुओं पर फोकस कर कार्य करें ताकि जनपद की रैंकिंग में अपेक्षित सुधार हो।

आबकारी अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रवर्तन कार्य बढ़ाते हुए अवैध शराब की बिक्री, निर्माण एवं भण्डारण पर पूर्णतः अंकुश लगाना सुनिश्चित करें। एडीए को निर्देशित किया कि मानचित्र पास कराने के मामले लम्बित न रखे जाएं। मंडी में भी गिरावट देखी गयी। स्मार्ट सिटी पहले 5 वीं रैंक पर थी, जो वर्तमान में 8 वीं रैंक पर मिली। जबकि प्रदेश में 10 ही नगर निगम हैं। डीएम ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि इससे खराब क्या बात हो सकती है कि अलीगढ़ स्मार्ट सिटी 10 नगर निगमों में नीचे से तीसरे स्थान पर है। वर्तमान में न ही भुगतान हो रहा न कार्य, ऐसे में अगले महीने भी इसमें गिरावट आने की संभावना दिख रही है। उन्होंने परिवहन विभाग के टॉप 3 में आने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए रैंकिंग को बनाए रखने के निर्देश दिये।डीएम ने कहा कि कार्य इस प्रकार से किया जाए कि परिलक्षित हों। जीएसटी को प्रवर्तन कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व वसूली के सम्बंध में विस्तृत कार्य योजना उपलब्ध कराएं।वाद निस्तारण की समीक्षा में पाया गया कि विगत माह से लंबित वादों की संख्या बढ़ी है। डीएम ने 1 से 3, 3 से 5 और 5 वर्ष से अधिक लम्बित वादों की संख्या में वृद्धि होने पर सभी न्यायालयों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिये। एडीएम को न्यायालय वार लम्बित वादों के प्रकरण का ब्यौरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने सभी एसडीएम, तहसीलदार को संवेदनशीलता के साथ वाद निस्तारण करने के निर्देश दिए। तहसील कोल एवं खैर के एससी-एसटी के मुकदमे डीएम न्यायालय एवं शेष 3 तहसीलों के मुकदमे एडीएम प्रशासन न्यायालय में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ आकांक्षा राना, एडीएम वित्त मीनू राणा, समेत समस्त एसडीएम, विभागीय अधिकारी एवं कलक्ट्रेट पटल कार्मिक उपस्थित रहे।

JNS News 24

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