प्रदेश सरकार ने आवंटित किए 3.93 करोड़ रुपये
पात्र लाभार्थियों के चयन में प्रतीक्षा सूची को भी किया जाएगा शामिल

अलीगढ़ : प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से बकरी पालन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अनुदान संख्या-83 के अंतर्गत संचालित बकरी पालन की राज्य योजना के लिए शासन से 3 करोड़ 92 लाख 94 हजार रुपये की अनुपूरक वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस धनराशि का जिलों को उनकी मांग के सापेक्ष आवंटन भी कर दिया गया है।निदेशक, प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग, उत्तर प्रदेश डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि शासन द्वारा अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना के अंतर्गत बकरी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए यह धनराशि उपलब्ध कराई गई है। योजना का प्रमुख उद्देश्य पात्र परिवारों को पशुपालन आधारित स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, उनकी आय में वृद्धि करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। बकरी पालन कम पूंजी में शुरू किया जा सकने वाला आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है, जिससे विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लाभ मिल सकता है।मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में आवंटित धनराशि का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं वित्तीय नियमों के अनुरूप किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष पात्र लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। चयन प्रक्रिया में पूर्व चयन की प्रतीक्षा सूची को भी सम्मिलित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे पात्र एवं प्रतीक्षारत आवेदकों को भी योजना का लाभ प्राप्त करने का अवसर मिल सके। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों का चयन शासनादेशों में निर्धारित पात्रता एवं प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। चयनित लाभार्थियों की सूची निर्धारित ई-मेल के माध्यम से निदेशालय को उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही आवंटित धनराशि का नियमानुसार एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर व्यय सुनिश्चित किया जाएगा।डॉ0 त्रिपाठी ने बताया है कि प्रदेश सरकार की इस पहल से अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र परिवारों को पशुपालन के माध्यम से आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन व्यवसाय को भी प्रोत्साहन प्राप्त होगा।चयनित लाभार्थी-श्याम सुन्दर, विकास राव, पप्पू, शेर सिंह, शकुन्तला देवी, गीतम सिंह, भूरा, डिगम्बर सिंह, शिवानी कुमारी, नीरज, विकास कुमार, राजेन्द्र, दिलीप कुमार, श्यामवती। इनके अलावा 44 पात्र लाभार्थियों की प्रतीक्षा सूची भी बनाई गई है।



